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आखिर बन ही गई सरकार

नई सरकार युवाओं एवं बुजुर्गो के ऊर्जा और अनुभव का संतुलित सम्मिश्रण है। यह देश के लिए एक शुभ संकेत है। प्रधानमंत्री एवं उनके मंत्रिमंडलीय सहयोगी देश के सामने आसन्न चुनौतियां भुखमरी, बेरोजगारी, आर्थिक मंदी, आंतरिक एवं बाहरी सुरक्षा की के प्रति प्रतिबद्ध दिख रही है। किसानों पर ध्यान एवं नरेगा जसी योजनाओं को जरी रखने के साथ, आधारभूत संचरनाओं पर पर्याप्त ध्यान देने के साथ ही वित्तीय असंतुलन को दूर करने का भी दावा किया ज रहा है, आम जनता जो महंगाई से त्रस्त एवं असुरक्षा की भावना से ग्रस्त थी के लिए सुकून देने जसा है। आशा है सरकार कामकाज संभालकर देश को ऐतिहासिक प्रगति देगी।

आदित्य, क्रिश्चियन कॉलोनी, दिल्ली

जीवन में योग और भोग

योग और भोग दोनों शब्द अपने में व्यापक अर्थ समेटे हैं। योग में जहां सर्व कल्याण की भावना छिपी है, वहीं भोग में स्वकल्याण की अवधारणा निहित है। इसलिए योग में दूसरों के लिए सुख-सुविधाओं का त्याग करने में तनिक भी हिचक नहीं है। मेरे से पहले दूसरों को सुख-सुविधाएं मिलें, मेरी बारी बाद में आए, यह योग की भावना है। जबकि भोग में स्थिति इसके सर्वथा विपरीत है, वहां सिर्फ मैं है, इसलिए भोगी अहंकारी है। योगी संसार के लिए सुख का कारण है, भोगी दुख का कारण है। श्रीमद्भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने मोहग्रस्त अजरुन से योग में स्थित होकर कर्म करने को कहा है, क्योंकि योग ही कर्मबंधन से छूटने का अयास है।

गिरीश चन्द्र पाण्डे, रोहिणी, दिल्ली

बड़बोले मंत्रियों से निजत

श्रीमती सोनिया गांधी की नए मंत्रियों को चेतावनी कि या तो काम करो और परिणाम दिखलाओ या दूसरों के लिए स्थान खाली करो’ बहुत सामयिक लगी। बहुमत में आने के बाद पद का मद सुस्ती ला सकता है। मनमोहन सिंह जी की पिछली सरकार में मंत्री बड़बोले बहुत थे जसे लालू, पासवान, अम्बूमणि रामदास, अजरुन सिंह, जिनके अपने एजेंडे थे। लालू बिहार के बारे में ही सोचते थे, खाते थे, पीते थे। वे भारत के रेलमंत्री थे। पासवान वादे करते रहे, दवाइयां महंगी होती गईं। रामदास एम्स के पीछे पड़े रहे। ऐसे अन्य भी उदाहरण हैं। मंत्री को अपने आचरण, कार्य और व्यवहार से जनता को खुश करना चाहिए। बाजीगिरी जनता पसंद नहीं करती है नहीं अतिवाद को।

यू. सी. पाण्डेय, द्वारका, नई दिल्ली

आला अधिकारी ध्यान दें

जल ही जीवन है। जल की महत्ता पर्यावरण से लेकर मानवी जीवन के साथ जुड़ी है। इसके बिना जीवित रहना मुश्किल है। विगत तीन दिन से कड़कड़डूमा क्षेत्र में लाल अपार्टमेंट के पास पानी की पाइप लाइन टूटने से न जने कितने क्यूसेक पानी बर्बाद हो रहा है साथ में लोगों की परेशानी का सबब भी बन गया है। पानी वहां ऐसी झील के रूप में बदल चुका है कि आवागमन मुश्किल हो रहा है।

धर्मवीर आनन्द, आनन्द विहार, दिल्ली

साफ पानी चाहिए

पानी की कमी से रोहिणी के लोग बेहाल हैं। सप्लाई का पानी जो आता भी है, वह गंदा होता है। कई लोग गंदे पानी पी कर बीमार हो गए है। कितनी बार इसकी शिकायत जल विभाग में की गई, पर उसका कोई असर नहीं हुआ। जल विभाग से अनुरोध है कि साफ पानी दे।

प्रज्ञा शर्मा, सेक्टर-3, रोहिणी, दिल्ली

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