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मीरा बनीं स्पीकर, पीएम ने कहा ऐतिहासिक

मीरा बनीं स्पीकर, पीएम ने कहा ऐतिहासिक

लोकसभा ने नया इतिहास रचते हुए मीरा कुमार को सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुन लिया जो इस पद पर पहुंचने वाली पहली महिला हैं। इस मौके को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने एक ऐतिहासिक क्षण कहा है।

पांचवीं बार सदन की सदस्य बनी कांग्रेस की मीरा कुमार को बुधवार को विधिवत लोकसभा का अध्यक्ष चुना गया। वह सदन की 15वीं अध्यक्ष चुनी गई हैं तथा इस पद पर पहुंचने वाली वह दलित समुदाय की दूसरी सदस्य हैं। कांग्रेस को 13 वर्ष बाद यह पद मिला है।

सत्तारूढ़ संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की अध्यक्ष सोनिया गांधी के मीरा कुमार को अध्यक्ष चुनने के प्रस्ताव का सदस्यों ने हाथ उठाकर समर्थन किया। सदन के अस्थायी अध्यक्ष माणिक राव गावित ने मीरा कुमार के अध्यक्ष चुने जाने की घोषणा की। उसके बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, सदन के नेता प्रणव मुखर्जी तथा विपक्ष के नेता लाल कृष्ण आडवाणी मीरा कुमार की सीट के पास गए और उन्हे बधाई दी तथा उन्हें अध्यक्ष के आसन तक ले गए।

64 वर्षीय कुमार के पक्ष में 13 प्रस्ताव रखे गए। किसी अन्य नाम का प्रस्ताव नहीं आने के कारण उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया। गावित ने सबसे पहले सोनिया गांधी को प्रस्ताव पेश करने के लिए बुलाया। इस प्रस्ताव का समर्थन सदन के नेता एवं वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने किया। इसके बाद विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी ने मीरा कुमार के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसका समर्थन भारतीय जनता पार्टी की सदस्य सुषमा स्वराज ने किया। इसके पश्चात विभिन्न दलों की ओर से 11 प्रस्ताव रखे गए।

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, विपक्ष के नेता लाल कृष्ण आडवाणी तथा विभिन्न दलों के नेताओं कुमार को अध्यक्ष चुने जाने का स्वागत किया तथा उन्हें सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने में पूरा सहयोग का आश्वासन दिया।
 सोनिया गांधी और आडवाणी के अलावा मीरा कुमार के नाम का प्रस्ताव तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी, द्रविड़ मुनेत्र कषगम के टीआर बालू, समाजवादी पार्टी के मुलायम सिंह यादव, बहुजन समाज पार्टी के डॉ. बलिराम, जनता दल यू के शरद यादव, बीजू जनता दल के अर्जुन चरण सेठी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के शरद पवार, राष्ट्रीय जनता दल के लालू प्रसाद, नेशनल कांफ्रेंस के फारूक अब्दुल्ला, मुस्लिम लीग के ई अहमद तथा मजलिसे इत्तहादुल मुसलमीन के असदुद्दीन ओवैसी ने भी किया।

मीरा कुमार के अध्यक्ष निर्वाचित होने के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, आडवाणी और मुखर्जी ने उनकी सीट तक जाकर उन्हें बधाई दी और उन्हें अध्यक्ष के आसन तक ले गए। कुमार ने खड़े होकर उनका और सदन के अन्य सदस्यों का हाथ जोड़ कर अभिवादन किया। बिहार के सासाराम लोकसभा क्षेत्र से चुनी गई मीरा कुमार ने जल संसाधन मंत्री के पद से पिछले रविवार को इस्तीफा दे दिया था। इससे पहले वह नरसिंह राव सरकार में उपमंत्री और डॉ. सिंह के पिछले मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री थीं।
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विपक्ष का समर्थन मिलने के बाद कुमार का लोकसभा अध्यक्ष निर्विरोध चुना जाना पहले से ही तय था। प्रमुख पार्टियों में सिर्फ वाम दल, तेलुगू देशम पार्टी और अन्नाद्रमुक उनके नाम का प्रस्ताव करने वालों में शामिल नहीं थे। उन्होंने तय किया था कि वे लोकसभा अध्यक्ष पद के लिए न तो उम्मीदवार खड़ा करेंगे और न ही कुमार का विरोध करेंगे।  कुमार लोकसभा की पंद्रहवीं अध्यक्ष हैं। वह दलित समुदाय से और बिहार की दूसरी लोकसभा अध्यक्ष हैं। इससे पहले बिहार के बलिराम भगत 1976-77 के दौरान इस पद रह थे। तेलुगू देशम पार्टी के जीएमसी बालयोगी पहले दलित लोकसभा अध्यक्ष थे।

अध्यक्ष के निर्विरोध चुनाव के बाद उपाध्यक्ष पद पर भी भाजपा के सदस्य करिया मुंडा के सर्वसम्मति से चुने जाने की संभावना है। सातवीं बार लोकसभा में चुने गए मुंडा को भाजपा संसदीय बोर्ड की मंगलवार को हुई बैठक में उपाध्यक्ष पद का उम्मीदवार घोषित किया गया था।

इस मौके पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मीरा कुमार के लोकसभा अध्यक्ष चुने जाने को ऐतिहासिक अवसर बताते हुए कहा कि पहली बार किसी महिला को इस पद पर चुना गया हैं और वह भी ऐसी महिला जो दलित समुदाय से हैं। कुमार के अध्यक्ष पद का आसन संभालने के बाद प्रधानमंत्री ने सदन में उन्हें सरकार तथा जनता की ओर से बधाई दी और सरकार की ओर से पूरे सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि यह कई तरह से ऐतिहासिक अवसर है। एक तो पहली बार कोई महिला इस पद के लिए निर्वाचित हुई हैं और दूसरी ऐसी महिला जो दलित समुदाय से है।

उन्होंने कहा कि सदस्यों ने उन्हें चुनकर महिलाओं का तथा देश के लिए महिलाओं के योगदान का सम्मान किया है। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर कुमार के पिता दिवंगत बाबू जनजीवन राम का स्मरण करते हुए कहा कि वह केंद्र में वरिष्ठ मंत्री रहे और उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। वह बुद्धिमान तथा गुणी व्यक्ति थे और वही गुण कुमार में भी हैं। उन्होंने कहा कि कुमार का एक राजनयिक, सांसद तथा मंत्री के रूप में विशिष्ट रिकार्ड रहा है। डॉ. सिंह ने कहा कि उनका ज्ञान सदन के समक्ष आने वाले मुद्दों को सुलझाने में काम आएगा और अपने व्यक्तित्व से सदन का कामकाज सुचारू रूप से चलाने में कामयाब होगी।

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