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छुट्टियों की मौज

मौज-मस्ती और बेफिक्री से भरी छुट्टियां सेहत के लिए किसी टॉनिक से कम नहीं है। तन और मन दोनों पर इसका जादुई असर होता है। दिलोदिमाग आम जिन्दगी के तनाव-दाव से मुक्त हो अपनी प्राकृतिक लय में लौट आते हैं और जीवन नई ऊर्जा से भर उठता है। छुट्टियों का पूरा सुख मिले, तन और मन प्रफुल्लित होकर लौटे, यह तभी संभव है जा आप यहां दिए गए कुछ सूत्रों को अपने छुट्टियों की योजना में गूंथ लें।

मौज-मस्ती का अमृत
छुट्टी का मायने है अवकाश, विश्राम, तन-मन स्वछंद छोड़ देना, कुछ ऐसा करना कि मन सुकून पाए। छुट्टी पर निकलें तो न सिर्फ तन से, बल्कि मन से भी घर-दफ्तर कामकाज पीछे छोड़ दें। छुट्टियों का पूरा आनंद पाने के लिए अपनी दिनचर्या पूरी तरह बदल डालें। चाहें तो पूरा दिन आराम फरमाएं, और चाहें तो पर्वतारोहण, हैंड ग्लाइडिंग, ट्रेकिंग कर तन-मन की बैटरी रिचार्ज कर लें।

भागदौड़ से बचिए
छुट्टियों  का उद्देश्य आराम और मनोरंजन पाना है। भागमभाग, टाइम प्रेशर और एक के बाद एक मंजिल छूने वाला थकाऊ कार्यक्रम पूरे होलिडे के आनंद को किरकिरा कर सकता है। कार्यक्रम बानाते समय इस बात का ध्यान रखें कि टुट्टियां पूरी बेफिक्री में बगैर किसी टेंशन के बीतें।  

खड़े सूरज को धता बताइए
भरी दोपहरी में सफर करने से परहेज करना बेहतर है। सूरज चढ़ने से पहले सुबह-सवेरे या शाम के समय यात्रा कर इस तेज गर्मी से बचा जा सकता है और सफर की थकान घटाई जा सकती है।

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