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वजन मिथक और तथ्य मिथक

क्या आप अखबार, मैगजीन, टीवी में डाइट के बारे में जानकारी देते विज्ञापनों को देखकर असमंजस में पड़ जाते हैं। आज हम आपको डाइट से जुड़े कुछ ऐसे ही मिथकों के बारे में जनकारी देंगे।

पहला मिथकः अगर आपका वजन बढ़ाना आनुवांशिक है, तो इस बात से कुछ फर्क नहीं पड़ता कि आप क्या खाते हैं।

तथ्यः यह सच है कि वजन बढ़ने और शरीर की बनावट में जीन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। लेकिन आप सिर्फ ये कहकर पीछा नहीं छुड़ा सकते हैं कि आपके माता-पिता का वजन ज्यादा है तो आपका वजन ज्यादा होगा ही। शरीर के आकार और मेटाबॉलिज्म का अध्ययन करें। इसके बाद अपने व्यायाम और खानपान में परिवर्तन के द्वारा आदर्श वजन प्राप्त करने की कोशिश करें।

दूसरा मिथकः वजन कम होने का मतलब है कि आपके शरीर में कुछ फूड ग्रुप की कमी हो रही है।

तथ्यः वर्तमान में डाइट में बदलाव करने से आप कुछ विशेष फूड ग्रुप को शरीर से अलग कर सकते हैं। यह बेहद अलाभकारी ट्रेंड है। शरीर को ऊर्जावान और पोषक बनाए रखने के लिए आपके शरीर को बेलेंस्ड डाइट की आवश्यकता होती है। शरीर के पोषण, रिपेयर और मेंटेनेंस के लिए आपको पानी, विटामिन, कार्बोहाइड्रेट, फैट, खनिज और प्रोटीन की आवश्यकता होती है। एक पूरी डाइट में फल, सजियां, अनाज, मूंगफली, अंकुरित खाद्य पदार्थ और कम वसा वाले डेयरी उत्पाद होते हैं। यह आपके इम्यून सिस्टम को मजबूत करते हैं और आप आदर्श वजन प्राप्त कर सकते है।

तीसरा मिथकः आपका आदर्श वजन उतना है, जिसमें आप देखने में पतले लगें।

तथ्यः स्वस्थ खान-पान का मतला यह नहीं है कि आप खुद को पतला दिखाने के लिए भूखे रहें। आपके शरीर का आदर्श वजन कुछ बातों जैसे लाइफस्टाइल, लंबाई, उम्र, लिंग और जीन्स पर निर्भर करता है। स्वस्थ रहने के लिए जरूरी है कि आप खान-पान बेहतर करें और लगातार व्यायाम करें। लेकिन इसके लिए अपनी क्षमता से ज्यादा कुछ न करें।

चौथा मिथकः स्वस्थ खाना मजेदार नहीं होता।

तथ्यः स्वस्थ भोजन खाने में कभी बेस्वाद नहीं होते। वर्तमान में कई हेल्थ स्टोर्स, खुद को स्वस्थ रखने की किताबें और रेसिपी हैं जो आपको स्वस्थ रखने में मददगार होती हैं। कुकिंग के तरीकों को बेहतर बनाने का प्रयास करें, ताकि खाना लजीज बन सकें।

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