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प्रशासन ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा के लिए कमर कसी, मुन्‍नाभाईयों पर विशेष नजर

गुरुवार को आयोजित होने जा रही सीपीएमटी परीक्षा के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। मंगलवार से ही चिकित्सा विश्वविद्यालय समेत अन्य मेडिकल कालेजों में एमबीबीएस छात्रों पर पाबंदी लगा दी गई है। उनकी इंटरनल परीक्षाएँ शुरू हो गईं हैं और बगैर अनुमति हास्टल एवं परिसर छोड़ने पर पाबंदी लगा दी गई है। परीक्षा को सकुशल कराने के लिए प्रशासन इस बार विजिलेंस की भी मदद ले रहा है। खासतौर पर पुराने मुन्ना भाईयों पर पैनी नजर रखी ज रही है।

सीपीएमटी परीक्षा 15 जिलों में 139 सेंटरों पर हो रही है। लखनऊ छोड़कर अन्य 14 जिलों के लिए मंगलवार को पर्यवेक्षकों के दस्ते रवाना हो गए। 14 बसों के जरिए इन सभी दस्तों को जिलों में मंगलवार को भेज गया है। यह बुधवार से ही सेंटर की कमान संभाल लेंगे। लखनऊ में 31 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा का आयोजन हो रहा है। पिछले कुछ वर्षो में सीपीएमटी प्रवेश परीक्षा में मुन्ना भाईयों की हरकतों को देखते हुए इस बार नई व्यवस्थाएँ की गई हैं। प्रशासन ने सबसे पहले मंगलवार से ही एमबीबीएस के छात्रों को कैम्पस में पाबंद कर दिया है।

चिविवि व मेडिकल कालेजों में एमबीबीएस की इंटरनल परीक्षा शुरू कर दी गई हैं। चिविवि के प्रॉक्टर डॉ. जेवी सिंह ने बताया कि हास्टल व परिसर से कोई भी छात्र बगैर अनुमति चार जून की शाम तक नहीं ज सकेगा। उन्होंने कहा कि सीपीएमटी परीक्षा के दिन सभी एमबीबीएस छात्रों की उपस्थिति परिसर में अनिवार्य कर दी गई है। प्रशासन परीक्षा को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए इस बार अभ्यर्थियों की वीडियोग्राफी व स्टिल फोटोग्राफी भी करा रहा है।

परीक्षा के पहले यह कार्रवाई होगी और इसका मिलना एडमिशन के पहले अभ्यर्थी से किया जएगा। प्रशासन ने इस बार मुन्ना भाईयों के लिए विजिलेंस को भी सतर्क कर रखा है। पुराने मुन्ना भाईयों पर नजर रखने के लिए भी विजिलेंस काम कर रही है।

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  • Web Title:सीपीएमटी की परीक्षा गुरूवार को