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ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ छात्र संगठनों का प्रदर्शन

नई संसद का पहला सत्र शुरु होते ही जंतर मंतर का इलाका फिर आबाद हो गया है। पहला नारा लगा आस्ट्रेलिया की सरकार के खिलाफ। छात्र संगठनों ने विरोध जताते हुए उच्च शिक्षा के लिए आस्ट्रेलिया, फ्रांस तथा अन्य देशों में भारतीय विद्यार्थियों के साथ जारी बदसलूकी के खिलाफ असंतोष व्यक्त किया।आमतौर पर संसद का सत्र शुरु होते ही संसद मार्ग पर जंतर-मंतर का इलाका विरोध के स्वरों से गूंजने लगता है। धरना-प्रदर्शनों का सिलसिला शुरु हो जाता है।

इस बार छात्र संगठनों ने आस्ट्रेलिया में भारतीय छात्रों के साथ हुई हिंसक घटनाओं को मुद्दा बनाकर विरोध जताया गया। आइसा (आल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन), अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् तथा दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन के पदाधिकारियों व सदस्यों ने अपने संगठनों के झंडे-बैनर लेकर अलग अलग जत्थों में विरोध प्रदर्शित किया। ग़ौरतलब है कि जंतर मंतर पर एक दजर्न लोग तथा संगठन अपनी मांगों को लेकर बीते एक साल से पहले ही डेरा जमाये हुए हैं।

अपनी मांगों के बैनर के साथ फुटपाथ पर डेरा लगाये बैठे इन लोगों में जूता मारो आंदोलन के अगुआ भी हैं और पृथक कूच बिहार की मांग को लेकर धरना देने वाले भी। भ्रष्टाचार को ख़त्म करने समेत एक दजर्न मांगों के साथ बैठे लोग हैं तो सांसद मेनका गांधी की संस्था पीपुल्स फॉर एनीमल्स के विरोध में एक बहेलिया परिवार इस जिद के साथ बैठा है कि तोता-चिड़िया पकड़ने के उनके पुश्तैनी पेशे को रोका जये तो फिर उनकी रोटी की व्यवस्था की जाये।

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  • Web Title:संसद का सत्र शुरू होते ही जंतर-मंतर आबाद