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व्हाइट ग्रब को समाप्त करने के लिए किसानों को साथ लेकर किया जा रहा छिड़काव

व्हाइट ग्रब (सफेद गिंडार) के प्रकोप से गन्ने की फसल की बर्बादी की खबर हिन्दुस्तान में छपते ही गन्ना विभाग में हड़कंप मच गया। आननफानन में चीनी मिलों के साथ मिलकर व्हाइट ग्रब से निपटने का प्लान तैयार किया गया। अब गांव-गांव जाकर किसानों को साथ ले सफेद गिंडार का खात्मा किया जएगा। गन्ने की करीब 40 फीसदी फसल में सफेद गिंडार का प्रकोप है।

यह खतरनाक कीड़ा लगातार गन्ने को अपनी चपेट में ले रहा है। जिससे चीनी मिलों के लिए फिर से गन्ने का संकट पैदा हो सकता है। साथ ही किसानों को मोटा नुकसान होगा। हिन्दुस्तान ने व्हाइट ग्रब के प्रकोप की खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी।

समाचार छपते ही सोए हुए गन्ना विभाग में हड़कंप मच गया। तत्काल ही जिला गन्ना अधिकारी मानवेंद्र सिंह ने मोदीनगर, सिंभावली और ब्रजनाथपुर चीनी मिलों के अधिकारियों के साथ बैठक कर व्हाइट ग्रब से निपटने की रणनीति बनाई।

डीसीओ ने बताया कि पहले स्टेज में चीनी मिलों के साथ मिलकर गांव-गांव जाकर गन्ने पर छिड़काव किया जा रहा है। इसमें किसानों की सहायता ली जा रही है। दूसरे चरण में इस दवा का असर देखा जाएगा। अगर फिर से व्हाइट ग्रब पैर पसारता मिला तो स्प्रे के जरिए उसे नेस्तनाबूद कर दिया जएगा।

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  • Web Title:व्हाइट ग्रब के खात्मे के लिए टीमों का गठन