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झारखंड में जनजातीय उत्थान के लिए काम करने वाली ब्रिटिश लेखिका का निधन

झारखंड में एक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित करने वाली और एक दशक से अधिक समय तक जनजातियों के सामाजिक आर्थिक उत्थान के लिए काम करने वाली  ब्रिटिश मानवाधिकार कार्यकर्ता और लेखिका जेनेट एलिजाबेथ गांगुली का निधन हो गया।

जेनेट एलिजाबेथ गांगुली लेखिका और मानवाधिकार कार्यकर्ता थी। ससेक्स विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने नर्स का प्रशिक्षण लिया।   वह क्षारखंड के ग्रामीण इलाकों में रहीं और वहां काम किया। आलू के बीज बांटने से लेकर पशुओं के टीकाकरण तक जो कुछ संभव हुआ उन्होंने लोगों की मदद की।

द इंडीपेंडेंट में प्रकाशित श्रद्धांजलि के अनुसार भारत के लोगों के समर्थन में उनका कार्य जारी रहा। उनकी किताब अंडर एन इंडियन स्काई में भारतीय ग्रामीण समाज के जीवन के बारे में अनुभव का बड़ा ही रोचक वर्णन है। युद्ध के विकल्प के तौर पर बच्चों को शिक्षित करने और शांति के महत्व के संबंध में उनकी पुस्तक टाइम फोर पीस में बहुत बेहतरीन ढंग से लिखा गया है।

बीमार होने के बावजूद उन्होंने छत्तीसगढ़ में जेल में बंद किये गये बिनायक सेन को रिहा करने के लिए हाल में आयोजित एक अभियान में भाग लिया था।

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  • Web Title:ब्रिटिश लेखिका जेनेट एलिजाबेथ का निधन