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लालू के अराजक सिस्टम का परिणाम

 जदयू ने आरोप लगाया है कि ट्रेनों के ठहराव को लेकर जो परिस्थिति उत्पन्न हुई है उसके लिए पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद दोषी हैं। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शिवानंद तिवारी ने कहा है कि लालू प्रसाद के अराजक सिस्टम के कारण राज्य के लोगों को परेशानी हुई। उन्होंने कहा कि लालूजी मौखिक आदेश दे देना और फिर उसके बाद स्थिति बिगाड़ने के माहिर खिलाड़ी रहे हैं। जब 33 स्टेशनों पर ठहराव का निर्देश उन्होंने दिया तो तत्काल उसे रेलवे बोर्ड से अनुशंसित करवा देते। यह काम उनके लिए सहज था लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया और खामियाजा रेल यात्रियों को उठाना पड़ा। 

तिवारी ने कहा कि जिस व्यवस्था से लालू प्रसाद राज्य को चलाते थे उसी व्यवस्था के तहत रेलवे को चलाने लगे। ऐसे में ‘मुखे कानून’ की व्यवस्था से परेशानी तो होगी ही। उन्हें आम यात्रियों के दर्द से कोई मतलब नहीं है और न ही स्थानीय यात्रियों की सुविधाओं का ख्याल। वे जानते थे कि उनकी घोषणा को अगर रेलवे बोर्ड से मंजूरी नहीं मिला तो वह ठहराव बंद हो जाएगा। बावजूद इसके उन्होंने ठहराव को नियमित कराने के लिए कोई पहल नहीं किया। उन्होंने रेलवे बोर्ड से तत्काल तमाम ठहराव पुन: शुरू करने का अनुरोध किया और कहा कि यात्रियों की परेशानी के मद्देनजर बोर्ड को अपने फैसले पर फिर से विचार करना चाहिए।

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  • Web Title:लालू के अराजक सिस्टम का परिणाम