class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

शिक्षा की योजना

बच्चों के भविष्य की योजना बनाते वक्त सबसे अहम बात होती है, शिक्षा के बारे में प्लानिंग की। आज के दौर में पढ़ाई महंगी है, ऐसे में बेहद जरूरी है कि बच्चों के लिए समय रहते ही योजना बना ली जाए। हालांकि देश-विदेश में पढ़ाई के लिए बैंक और कंपनियां लोन देती है, पर इसकी प्रक्रिया आसान नहीं है। अकसर ऐन वक्त पर परेशानी हो जाती है। इसलिए आवश्यक है कि बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए शिक्षा की प्लानिंग समय से कर ली जाए।

शिक्षा में लोन की भूमिका

एजूकेशन की फंडिग के कई विकल्प मौजूद है और वर्तमान समय में लोन एक महत्‍वपूर्ण स्रोत बन चुका है। पुराने जमाने की तरह अभिभावकों द्वारा सिर्फ पैसे की बचत कर अपने बच्चे के एजूकेशनल खर्च को पूरा करना आसान नहीं है। स्नातक और परास्नातक स्तर पर तो लोन की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन बेसिक स्तर पर ऐसी सुविधा उपलब्ध नहीं है। एजूकेशन लोन टैक्स बचाने में भी मददगार साबित होता है। एजूकेशन लोन में आयकर की धारा 80 ई के तहत छूट मिलती है। गौर करने वाली बात ये है कि अगर आप टैक्स लेने से बचना चाहते है, तो आपको कुछ बातों के बारे में पहले से ही ध्यान रखने की जरूरत है।

शिक्षा के लिए निवेश

अगर बच्चों  की शिक्षा के लिए निवेश की शुरुआत जल्दी कर दी जए, तो पेरेंट्स के पास इस का पर्याप्त समय होगा कि वह बच्चे के भविष्य के लिए पैसे का इंतजम कर लें। अगर आपके पास दस वर्ष का समय है, तो आप सिस्टेमेटिक इंवेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) में निवेश कर सकते है। एसआईपी में निवेश का फायदा ये है कि इसमें आप छोटी मासिक किश्तों से निवेश कर सकते है। लाभ ये है कि आप शुरुआत छोटी किश्तों से करके बाद में अपने आíथक उद्देश्यों की पूíत के लिए इसकी राशि को अपनी सुविधानुसार बढ़ा सकते हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:शिक्षा की योजना