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राष्ट्रपति ने विशेषज्ञों से सलाह का विचार छोड़ा

लोकसभा चुनावों में कांग्रेस नीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन के बहुमत के करीब पहुंचने के कारण राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने सरकार बनाने के लिए न्यौता देने से पहले संविधान विशेषज्ञों से आगे और सलाह मशविरे का विचार छोड़ दिया है। राष्ट्रपति भवन के सूत्रों के अनुसार पिछले चार लोकसभा चुनावों में खंडित जनादेश के कारण पूर्व राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा, केआर नारायणन और एपीजे अब्दुल कलाम को केंद्र में सरकार बनाने का न्यौता देने से पहले संविधान विशेषज्ञों और कानूनविदों के साथ काफी विचार विमर्श करना पड़ा था। लेकिन इस बार चुनावी तस्वीर साफ हो जाने के कारण प्रतिभा पाटिल यादा विचार विमर्श की आवश्यकता महसूस नही कर रही हैं। सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रपति ने पूर्व अटार्नी जनरल अशोक देसाई से शनिवार को चर्चा की क्योंकि उनको मतगणना शुरू होने से पहले ही बुलाने का निर्णय ले लिया गया था। अब राष्ट्रपति संविधान में दिए गए प्रावधानों के अनुरूप खुद निर्णय लेंगी। सूत्रों के मुताबिक डा. सिंह ने सोमवार को राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगा है। समझा जाता है कि वह उन्हें अपना इस्तीफा सौंप देंगे। इसके बाद संप्रग की आेर से सरकार बनाने का दावा किए जाने पर उसे सरकार बनाने के लिए निमंत्रित किया जा सकता है। सूत्रों ने बताया कि मुख्य चुनाव आयुक्त नवीन चावला अपने सहयोगियों के साथ राष्ट्रपति को सोमवार को 15वीं लोकसभा के निर्वाचित सदस्यों की सूची सौंपेंगे। उसके बाद ही नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरु होगी। सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और उनके मंत्रिमंडल के सहयोगियों के लिए राष्ट्रपति सोमवार को रात्रि भोज देंगी।

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