class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

क्या मिल पायेगा डॉ सेन को सम्मानक्या मिल पायेगा डॉ सेन को सम्मान

विचित्र विडंबना है। यह खबर उस वक्त पहुंच रही है, जब विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र का सबसे बड़ा अनुष्ठान पूरा हो रहा है। सवा अरब आबादी के हित, पालन-पोषण के लिए भारत की 15वीं लोकसभा का गठन हो रहा है। दुनिया की सबसे बड़ी संसद, जहां केवल और केवल जनता के अधिकारों की बात होगी! कम से कम, दावे तो यही किये जाते हैं। लेकिन, ठहरिये। एक झलक इस खबर-श्रंखला पर भी डालते हैं :ड्ढr 14 मई 200: लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग के सामने सैकड़ों भारतीय और देशी-विदेशी मानवाधिकार कार्यकर्ता नार लगा रहे थे। ठीक इसी दिन, ऐसा ही नजारा देखा गया अमेरिका और यूरोप के बोस्टन, वशिंगटन डीसी, इडेनबर्ग, बर्लिन आदि दर्जन भर शहरों में। सभी आंदोलनकारियों के हाथों में आलोचना भर संदेशों वाली तख्तियां थीं और उनपर चिपकी एक तस्वीर। आलोचना, भारतीय शासन की, व्यवस्था की। आरोप मानवाधिकार हनन का। और, तसवीर थी डॉ विनायक सेन की। यह वही डाक्टर हैं, जिन्होंने दशकों तक गरीब, मजलूम आदिवासियों, उपेक्षित आबादियों के लिए छत्तीसगढ़ के जंगलों में खाक छानी। दुनिया भर ने तारीफें कीं। इंडियन एकेडेमी ऑफ साइंसेस ने गोल्ड मेडल से सम्मानित किया, तो उधर विश्व चिकित्सा जगत के अति प्रतिष्ठित ‘जोनाथन मान’ सम्मान इन्हीं के नाम गया। लेकिन दुर्भाग्य! उन्हें सम्मान लेने तक से महरूम कर दिया हमार देश के एक शासन ने।ड्ढr जी हां, डॉ विनायक सेन पिछले दो साल से छत्तीसगढ़ की एक जेल की काल कोठरी में कैद, मौत से जूझ रहे हैं। दुनिया चाहे जो कहे, वहां की सरकार कहती है- ‘विनायक से समाज को, देश को, खतरा है।’ छत्तीसगढ़ सरकार ने उन पर आतंक-विरोधी कानून ‘छत्तीसगढ़ स्पेशल पब्लिक सिक्युरिटी ऐक्ट’ लगा रखा है। जबकि, दुनिया की सबसे बड़ी मानवाधिकार संस्था अमेनेस्टी इंटरनेशनल घोषणा कर चुकी है- ‘डॉ विनायक को गढ़े हुए आरोपों में फंसाया गया है।’ दुनिया को छोड़िये, अपने सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस वी आर कृष्ण अय्यर ने डॉ विनायक मामले में प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह को 17 अप्रैल को पत्र लिख कर कहा था: ‘मैं आपका ध्यान उस गंभीर अन्यायपूर्ण मामले की ओर आकर्षित करना चाहता हूं, जो भारतीय लोकतंत्र के लिए शर्मनाक है।’ आम जनता नहीं, यह एक जज का बयान है। अच्छा नहीं होता, कि दोबारा प्रधानमंत्री पद की खातिर शपथ-पत्र पढ़ने से पहले, मनमोहन सिंह जस्टिस अय्यर के उस पत्र को पढ़ लेते!

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: क्या मिल पायेगा डॉ सेन को सम्मानक्या मिल पायेगा डॉ सेन को सम्मान