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मुद्रास्फीति 3.79 प्रतिशत पर पहुंची

निर्मित उत्पादों के मंहगा होने से सकल उपभोक्ता थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति की दर 0.2प्रतिशत बढ़कर 3.7प्रतिशत पर पहुंच गई। अर्थशास्त्री इस बढोत्तरी को उम्मीदों से अधिक मान रहे हैं। उनका कहना है कि दीर्घकालिक लिहाज से मुद्रास्फीतिकारी रुख पर और विशेषकर खाद्य वस्तुआें की कीमतों पर निगरानी रखने की जरूरत है। विशलेषकों का कहना है कि रबी के दौरान खाद्यान्न उत्पादन पर बारीकी से निगाह रखने की जरूरत है। आलोच्य सप्ताह के दौरान मुद्रास्फीति की दर में 0.2प्रतिशत की बढोत्तरी मक्का, चना, अरहर, तंबाकू, पशुचारा, सूरजमुखी, सरसों, कुकिंग और गैर कुकिंग कोल, हल्का डीजल, तारकोल, पशु आहार, बेबी फूड, मक्खन, काफी और आयातित खाद्य तेल के मंहगा होने से दर्ज की गई। एक सप्ताह पहले मुद्रास्फीति साढ़े तीन प्रतिशत और पिछले साल आलोच्य अवधि में 6.37 प्रतिशत थी।

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