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सुनने में दिक्कत पैदा करता है धूम्रपान

निकोटीन के चलते धूम्रपान के आदी लोगों के लिए एक और बुरी खबर। धूम्रपान से न केवल कैंसर, हृदय रोग और रक्त धमनियों की बीमारी का खतरा है बल्कि सुनने से संबंधित बीमारियां भी हो सकती हैं। अमेरिका में हुए एक अध्ययन के अनुसार सुनने से संबंधित बीमारियों का खतरा धूम्रपान करने वाले किशोरों या उन किशोरों में ज्यादा है जिनकी मां गर्भवास्था के दौरान धूम्रपान करती रही हों। बीबीसी न्यूज के आनलाइन संस्करण के अनुसार 67 किशोरों पर किए गए एक अध्ययन में यल विश्वविद्यालय के अनुसंधानकर्ताओं ने पाया कि धूम्रपान करने वाले किशोर आवाज पहचानने और उन पर ध्यान केंद्रित करने में मुश्किल का सामना करते हैं। मुख्य अनुसंधानकर्ता लेसली जकबसन के अनुसार धूम्रपान से सुनने की बीमारी का कारण निकोटीन द्वारा मस्तिष्क में सफेद पदार्थ की अधिकता है, जिसके चलते ध्वनि पर ध्यान केंद्रित करना मुश्किल होता जाता है। अध्ययन में शामिल धूम्रपान करने वाले 77 फीसदी लड़कों ने सही जवाब दिए, जबकि धूम्रपान न करने वाले 85 फीसदी लड़कों ने सही जवाब दिए। लड़कियों के मामले में यह संख्या 84 के मुकाबले 0 फीसदी रही। जकबसन कहती हैं, ‘‘धूम्रपान करने वाले लोगों की सुनने की क्षमता पर आसपास के माहौल का असर पड़ता है जिसके चलते उनका ध्यान बंट जाता है।’’

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