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महाभ्रष्ट आईएएस अफसरों पर हो कार्रवाई

उत्तर प्रदेश के बीस महाभ्रष्ट आईएएस और आईपीएस अफसरों के खिलाफ सीबीआई अथवा विजिलेंस जाँच की माँग की गई है। गैर सरकारी संगठन ‘इंडियन रिजुविनेशन इनीशियेटिव्स’ (आईआरआई) ने कैबिनेट सचिव शशांक शेखर सिंह को पत्र लिखकर इन अफसरों की सूची भी दी है। संगठन के प्रवक्ता का कहना है कि मानव विकास दर के मामले में यूपी देश के सबसे बीमारू राज्यों में है और इसकी वजह ब्यूरोक्रेसी में बड़े पैमाने पर फैला भ्रष्टाचार है। इस पत्र मंे आईआरआई के संस्थापक सदस्य प्रकाश सिंह की आेर से लिखा गया है। इसमें कहा गया है कि यूपी में महाभ्रष्ट अफसरों की सूची काफी लम्बी है पर सिर्फ बीस अधिकारियों को इसलिए चिन्हित किया गया है ताकि राज्य सरकार को कार्रवाई करने में दिक्कत न हो। इस पत्र में कहा गया है कि राज्य सरकार को इन भ्रष्ट अफसरों की सम्पत्ति की जाँच करानी चाहिए। इनके भ्रष्टाचार की जाँच सीबीआई से कराई जाए या फिर इस काम में राज्य के विजिलेंस विभाग की मदद भी ली जा सकती है। इसके अलावा विकल्प यह भी सुझाया गया है कि सरकार चाहे तो संविधान की धारा 311 (2) का इस्तेमाल करते हुए इन्हंे सीधे बर्खास्त भी कर सकती है। पत्र में कहा गया है कि अगर उत्तर प्रदेश की नौकरशाही में लगातार बढ़ रहे भ्रष्टाचार को नियंत्रित नहीं किया गया तो इस राज्य की बदहाली और भी बढ़ती जाएगी। इस संस्था में भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश आर.सी.लाहोटी, पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त जे.एम.लिंग्दोह और कई अन्य सेवानिवृत्त नौकरशाह व न्यायविद शामिल हैं।

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