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सीआरपीएफ हमला : पूछताछ में कोई सुराग नहीं

उत्तर प्रदेश के रामपुर में गत एक जनवरी को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के ग्रुप सेंटर पर हुए हमले के मामले में सीआरपीएफ के ही संदिग्ध जवान से की गई पूछताछ में कोई सुराग नहीं मिला है। पुलिस ने हमले के सिलसिले में सीआरपीएफ की 16वीं बटालियन के कांस्टेबल जावेद से पूछताछ की थी। इस दौरान वह इस सवाल का जवाब नहीं दे सका कि जिस कमरे में 16 गोलियों के निशान पाए गए और फायरिंग में उसके साथी की मृत्यु हुई उसमें वह आखिर कैसे सोता रहा। कांस्टेबल जावेद पूर्व में आतंकवादी था जिसे आत्मसमर्पण के बाद मुख्यधारा में शामिल करने के लिए सीआरपीएफ में भर्ती किया गया था। कश्मीर घाटी में कार्यरत बटालियन का सदस्य जावेद रामपुर स्थित बल के ग्रुप सेंटर में प्रतिनियुक्ित पर तैनात था। रामपुर स्थित सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर में इस समय जम्मू-कश्मीर के 60 अधिकारी और जवान तैनात हैं। राय के अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून-व्यवस्था) बृजलाल ने बुधवार को बताया कि जावेद से पूछताछ में अभी तक कोई सुराग हासिल नहीं हो सका है। हमें यह भी नहीं पता कि सीआरपीएफ ने क्या कार्रवाई की। नवगठित आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि मामले की जांच-पड़ताल जारी है और जब तक यह पूरी नहीं हो जाती तब तक किसी को क्लीन चिट नहीं दी जा सकती। गौरतलब है कि गत एक जनवरी को नववर्ष के जश्न के बीच अत्याधुनिक असलहों से लैस आतंकवादियों ने रामपुर स्थित सीआरपीएफ के ग्रुप सेंटर पर हमला करके सात जवानों समेत आठ लोगों की हत्या कर दी थी। राय में यह अपनी तरह की पहली वारदात थी। इस मामले में सीआरपीएफ के रामपुर ग्रुप सेंटर के दो प्रभारी अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है।

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