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‘2.5 लाख करोड़ जीबीएस राशि पर्याप्त नहीं’

आगामी बजट से ठीक पहले धन के आवंटन में अंतिम क्षणों में होने वाली जद्दोजहद और सरकारी खींचतान से बचने के लिए योजना आयोग ने अपनी तरफ से कोशिशें तेज कर दी हैं। योजना आयोग ने 2008-0े लिए 2.50 लाख करोड़ रुपये की जीबीएस यानि ग्रॉस बजटरी सपोर्ट (सकल बजटीय सहायता) तय की है। अब आयोग को ही लग रहा है कि यह राशि कम है और इसमें कुछ बढ़ोतरी होनी चाहिए। सूत्रों के अनुसार, आयोग को लग रहा है कि वर्तमान कीमतों के आधार पर, 2008-0 की वार्षिक योजना के लिए तय जीबीएस राशि (2.5 लाख करोड़ रुपये) में पिछले वित्तीय वर्ष (2007-08) की तुलना में केवल 8 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। ऐसा इसलिए हुआ है कि वित्त मंत्रालय ने 2008-0तक राजस्व घाटे को कम कर के 3 प्रतिशत पर लाने का लक्ष्य रखा है। चूंकि वित्तीय घाटे को और कम करना संभव नहीं है, लिहाजा जीबीएस में बढ़ोतरी की दर को तेज माना गया। 2008-0ा बजट देश में आम चुनावों के पहले आने वाला आखिरी आम बजट होगा, इसलिए सरकार पर दवाब है कि वह इस साल (2008-0ी योजना को ज्यादा ‘आकर्षक’ बनाए। 11 वीं पंचवर्षीय योजना (2007-12) के दौरान केन्द्रीय योजना की कुल जीबीएस राशि वर्तमान कीमतों के आधार पर 16.08 लाख करोड़ रुपये तय हुई है।

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