class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

विद्युत अभियंताओं ने भी केन्द्र के खिलाफ खोला मोर्चा

सूबे में गंभीर बिजली संकट के विरोध में विद्युत अभियंताओं ने भी केन्द्र के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने राज्य में व्याप्त बिजली संकट के लिए पूरी तरह से केन्द्र को जिम्मेवार ठहराया है।ड्ढr ड्ढr ईस्टर्न इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन के महासचिव बी.एल.यादव ने आरोप लगाया कि केन्द्र सरकार की उदासीनता के कारण बिहार भीषण विद्युत संकट का सामना कर रहा है। केन्द्र से 1170 मेगावाट आवंटन की तुलना में कभी 400 तो कभी 700 मेगावाट बिजली ही मिल रही है। इसमें से नेपाल और रेलवे को भी बिजली देनी पड़ती है। बिहार की ही जरूरत 1800 मेगावाट से अधिक है। वर्तमान में राजधानी पटना की मांग ही 350 मेगावाट से अधिक हो चुकी है। ऐसे में केन्द्र द्वारा दी जाने वाली बिजली से बिहार में कितनी रोशनी हो सकती है, इसकी कल्पना सहज की जा सकती है। उन्होंने इस संकट के लिए विद्युत बोर्ड के अभियंताओं और कर्मियों को बदनाम किये जाने को भी अनुचित बताया। श्री यादव ने केन्द्र से अनुरोध किया कि वह बिहार को उसका मूल आवंटन दे और बिजली संकट के मुद्दे पर राजनीति करना छोड़े। ऐसा न करने पर राज्यहित में विद्युतकर्मी केन्द्र के खिलाफ आंदोलन से हिचकिचाएंगे नहीं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: विद्युत अभियंताओं ने भी केन्द्र के खिलाफ खोला मोर्चा