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स्मार्ट कार्ड से करा सकेंगे गरीब अपना इलाज

तुकाराम मध्यप्रदेश के सागर जिले के एक अति पिछड़े गांव के वाशिंदे हैं। पांच जनों के परिवार की पूरे साल मजदूरी करके गुजर-बसर होती है। गरीबी की रेखा (बीपीएल) के दायरे में आने वाले ऐसे परिवारों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। कुछ ही दिन में उनके गांव में स्वास्थ्य बीमा योजना का ‘स्मार्ट कार्ड’ बनाने वाली टीम आने वाली है। केंद्रीय श्रम मंत्री आस्कर फर्नाडीस ने शुक्रवार को यहां एक राष्ट्रीय कार्यशाला में इस योजना का खाका जारी करते हुए कहा कि आगे केअनुभवों के बाद योजना को बड़े पैमाने पर शुरू किया जाएगा। कार्ड बनने पर क्या करना होगा? : कार्ड बनने के बाद जब भी तुकाराम या उनके परिवार के सदस्यों को ऐसी किसी बीमारी या दुर्घटना का सामना करना पड़ा, जिसमें उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़े तो उनका सालाना 30 हजार रुपए तक का इलाज मुफ्त में होगा। उन्हें किस सरकारी या निजी अस्पताल में भर्ती होना है इसका निर्णय खुद तुकाराम या उनका परिवार करेगा। केंद्र व राज्य देंगे किस्त : इस योजना की अधिकतम किस्त 810 रुपये होगी, जिसका 75 प्रतिशत केंद्र व बाकी 25 प्रतिशत राज्य सरकार बीमा कंपनी को देगी। यानी लाभार्थी को बीमा योजना का लाभ पाने के लिए एक भी पैसा नहीं देना है। पहले चरण में 120 जिले : केंद्र ने पहले चरण में देश के 120 जिलों में योजना शुरू करने का फैसला किया है। दिल्ली में गरीबों का इलाज कराने की प्रकिया के तहत सभी निजी सरकारी अस्पतालों से टेंडर मांगे गए हैं। ऐसी खबरें हैं कि अपना व्यापार बढ़ाने के लिए दिल्ली के छोटे-बड़े अस्पतालों में होड़ लग गई है। देश के सभी 600 जिलों में इस योजना को लागू होना है। अस्पतालों में होगा विशेष कांउटर : अस्पतालों में इसके लिए एक अलग कांडटर होगा। भर्ती होने की सूरत में स्मार्ट कार्ड लेकर कांडटर पर दिखाना होगा बाकी काम अस्पताल का।गरीबों की पहचान राज्य सरकार का काम : बीपीएल से नीचे रहने वालों की पहचान का जिम्मा राज्य सरकार का होगा। कार्ड बनाने के लिए जो टीम गांव-गांव जाएगी, उनके साथ उस जिले का एक अधिकारी भी होगा।ं

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