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अगवा छात्र अरविन्द की लाश बरामद

दमकुआं पुलिस ने गत सात जनवरी को अगवा हुए छात्र अरविन्द उर्फ आकाश (पखरपुर,अरवल) की लाश परसा बाजार थाना के नत्थुपुर गांव स्थित एक मकान से शुक्रवार को बरामद कर लिया। हत्यारों ने राजकुमार साव नामक व्यक्ित के उसी मकान में जमीन के नीचे उसकी लाश गाड़ कर रखी थी, जिसे हत्यारों ने किराए पर ले रखा था। इधर आरोपितों ने यह बयान दिया कि खाने-पीने के दौरान एक नाबालिग लड़की से छेडख़ानी करने के कारण अरविन्द मारा गया।ड्ढr ड्ढr टाउन डीएसपी संजय सिंह ने बताया कि घटना के बाद से ही गांधी मैदान थाना प्रभारी मुन्द्रिका प्रसाद, कदमकुआं थाना प्रभारी अजय कुमार व परसा बाजार थाने की पुलिस संयुक्त रूप से मामले की छानबीन कर रही थी। इसी क्रम में पुलिस ने अरविन्द के मोबाइल का लोकेशन लिया जो परसाबाजार और दुल्हिन बाजार के बीच मिल रहा था। इसके बाद पुलिस ने किसी बहाने मोबाइल धारक को परसा बाजार बुलाया। जहां आते ही उसे मोबाइल के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। अतुल (कसमा,जहानाबाद) नाम का यही युवक अरविन्द को लोहानीपुर स्थित आवास से बुलाने गया था। अतुल के बयान पर नत्थुपुर निवासी शंकर साव को गिरफ्तार किया गया। इन दोनों से जब अरविन्द के बारे में पूछा गया कि वह कहां है, तो दोनों ने शक्ित पासवान का नाम बताते हुए कहा कि उसी से पूछिए, वही सब कुछ बताएगा। इसके बाद पुलिस शक्ित पासवान (दुल्हिनबाजार) के घर पहुंची। यहां पुलिस को पता चला कि 17 जनवरी को ही वह दिल्ली चला गया है। पुलिस ने एक चाल यह चली कि उसने शक्ित के घर वालों से ही उसे किसी तरह उसे संदेश भिजवाया कि उसका बेटा छत से गिर गया है।ड्ढr ड्ढr इस संदेश को पाकर वह दिल्ली से लगातार फोन करने लगा, जिसका लोकेशन पटना पुलिस ने दिल्ली पुलिस को दिया। उसके बाद दिल्ली पुलिस ने उसे दिल्ली में ही एक पिस्तौल के साथ गिरफ्तार कर लिया तथा उसे आर्म्स एक्ट के तहत तिहाड़ जेल भेज दिया। शुक्रवार को अरविन्द की लाश का पीएमसीएच में पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे उसके परिजनों के हवाले कर दिया गया। इधर आरोपितों ने पुलिस को बताया कि वे सब नत्थुपुर में एकत्र होकर शक्ित के किराए के मकान में मांस - मदिरा का सेवन कर रहे थे । इसी बीच पड़ोसी शंकर साव की 11 वर्षीया पुत्री वहां मुर्गा परोसने आयी।ड्ढr ड्ढr उसे देख अरविंद ने शराब के नशे में उसके साथ छेडख़ानी की जिसे शंकर ने देख लिया। उसने गुस्से में पत्थर की सील से उसके सिर पर वार कर दिया जिससे उसकी मौत हो गई। उसके बाद सभी घबरा गए और आनन-फानन में उसी घर में उसकी लाश गाड़ दी। आरोपितों के अनुसार मामले को मोड़ने के लिए फिरौती मांगी गई थी ताकि उसके परिजनों को यह लगे कि किसी ने पैसों के लिए उसका अपहरण कर लिया है।

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