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बिहार-झारखंड में नई फिल्में नहीं !

फिल्म अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती की वजह से दो फिल्मी संगठनों के बीच लड़ाई अब इस मोड़ पर पहुंच गई है जिससे बिहार और झारखंड में नई फिल्मों का प्रदर्शन हो पाना मुश्किल है। बॉलीवुड की सबसे बड़ी संस्था फेडरेशन आफ वेस्टर्न इंडिया एंप्लाइज ने शुक्रवार को यह फैसला लिया है कि बिहार-झारखंड मोशन पिक्चर एसोसिएशन के सदस्य और वितरक डाक्टर सुनील कुमार को अगर किसी निर्माता ने अपनी फिल्म बेची तो उनके साथ असहयोगात्मक आंदोलन चलाया जाएगा। हालांकि इस फैसले से पहले ही डाक्टर सुनील ने ऋतिक रोशन और ऐश्वर्या राय अभिनीत फिल्म जोधा-अकबर को बिहार और झारखंड में प्रदर्शन करने का अधिकार खरीद लिया था। इसलिए यह फिल्म दो संगठनों की लड़ाई में बाल-बाल बच गई। लेकिन फेडरेशन के नए फरमान के बाद अब तब तक बिहार और झारखंड में डाक्टर सुनील के जरिए कोई बड़ी फिल्म प्रदíशत नहीं हो पाएगी जब तक वह फेडरेशन की शर्तो को मान नहीं लेते हैं। बता दें कि डाक्टर सुनील ने मिथुन को लेकर एक बांग्ला फिल्म बनाई थी जिसे दूसरी भाषा में डब कराकर रिलीज कर दी थी। इस पर मिथुन का कहना था कि ऐसा करके डाक्टर सुनील ने लिखित करार तोड़ा है। लेकिन डाक्टर सुनील के नेतृत्व में चलने वाला बिहार-झारखंड मोशन पिक्चर एसोसिएशन ने मिथुन सहित उनके परिवार को बैन करदिया। इसके बाद फेडरेशन ने मिथुन के बचाव में आगे आकर इस एसोसिएशन को ही बैन कर दिया। मिथुन के समर्थन में खड़ा होने का खामियाजा भोजपुरी स्टार रवि किशन को भी उठाना पड़ा।ड्ढr ड्ढr उन्होंने एसोसिएशन से माफी मांगकर खुद को इस पचड़े से दूर कर लिया। हालांकि इन दोनों संगठनों की लड़ाई के कारण बिहार और झारखंड में 1फिल्मों की शूटिंग रद्द करनी पड़ी है। इधर गुरूवार को जब डाक्टर सुनील ने मुंबई में भोजपुरिया हेल्प सेंटर की स्थापना की तो फेडरेशन ने डाक्टर सुनील के खिलाफ एक नया कदम उठा लिया। फेडरेशन के अध्यक्ष धर्मेश तिवारी ने बताया कि फेडरेशन ने फिल्म निर्माताओं की संस्था विपा (डाक्टर सुनील इसके सदस्य हैं) को भी पत्र लिखा है कि अगर डाक्टर सुनील के खिलाफ कदम नहीं उठाया गया तो फेडरेशन विपा से संबंध तोड़ लेगा।ं

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  • Web Title: बिहार-झारखंड में नई फिल्में नहीं !