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विकेट देख कुम्बले का हौसला जगा

सब कुछ योजनाबद्ध तरीके से चल रहा है। मैच का नतीजा कुछ भी निकले लेकिन कप्तान अनिल कुम्बले की हसरत ग्राीम स्मिथ के साथ फ्यूचर कप पर अधिकार बाँटने की है। कुम्बले और क्यूरटर की बातचीत के बाद जो संदेश बाहर आ रहा सब कुछ योजनाबद्ध तरीके से चल रहा है। मैच का नतीजा कुछ भी निकले लेकिन कप्तान अनिल कुम्बले की हसरत ग्राीम स्मिथ के साथ फ्यूचर कप पर अधिकार बाँटने की है। कुम्बले और क्यूरटर की बातचीत के बाद जो संदेश बाहर आ रहा हैहै , वह विकेट पर दिख रही डेड घास को भी हटाने का है। विकेट पर थोड़ा बाउंस अभी भी मौजूद है और शायद यही बात कप्तान को परशान किए हुए है। फिर भी कल विकेट के दीदार के बाद कुम्बले हर हाल में इस विकेट पर गेंद करना चाहते हैं। भारतीय कप्तान और ईशान्त शर्मा का गुरुवार को फिटनेस टेस्ट भी होना है। लेकिन अब माना जा रहा है कि कुम्बले इस मच में जरूर खेलेंगे। बुधवार को वह नेट पर पूरी लय में नहीं दिखे। हो सकता है कि उन्होंने कल सुबह के लिए अपनी ऊर्जा बचाकर रखना बेहतर समझा हो। दक्षिण अफ्रीका की टीम सुबह के सत्र में अभ्यास के बाद लौट गई, तब भारतीय टीम ने उसी नेट पर बल्लेबाजी और गेंदबाजी का रियाज किया, जिस पर मेहमानों ने किया था। कहा तो यह गया कि दूसरा विकेट ठीक से तैयार ही नहीं था लेकिन सच्चाई कुछ और ही है। यहाँ के विकेट को देखने के बाद यही तय किया गया कि खिलाड़ी उसी विकेट पर अभ्यास करं, जो थोड़ा खराब हो चुका हो। ऐसा इसलिए किया गया, क्योंकि यहाँ के विकेट के बार में कहा जा रहा है कि वह पहले दिन के बाद से ही खराब होने लगेगा। दलजीत सिंह को दूसर दिन चला जाना था लेकिन शायद बोर्ड ने भारतीय टीम के कप्तान के विकेट देखने तक उनसे रुकने को कह दिया था, सो उनको रुकना पड़ा। बुधवार शाम को टीम पहले आ गई और कुम्बले विकेट देखने के लिए विकेट पर जा पहुँचे। उन्होंने दलजीत सिंह की अनुपस्थिति में इस विकेट के मिजाज को अच्छी तरह समझने वाले ग्रीनपार्क हास्टल के पूर्व छात्र मो. कैफ को पकड़ा। कैफ ने अपने कप्तान को काफी देर तक विकेट की बारीक जानकारी दी। इतने में दलजीत सिंह भी मैदान में कुम्बले को ढूँढ़ते हुए पहुँच गए। उन्हें बताया गया कि कुम्बले पहले ही विकेट देख आए हैं, तो वह उनके फ्री होने का इंतजार करने लगे। एक बार फिर विकेट को लेकर कुम्बले बीसीसीसीआई की पिच एवं ग्राउंड्स कमेटी के चेयरमैन दलजीत सिंह और ग्रीनपार्क के क्यूरटर शिवकुमार की मंत्रणा शुरू हुई। इस दौरान अभ्यास चल रहा था। जैसा कि पता चला कुम्बले ने विकेट की अच्छी तरह फिनिशिंग करने को कहा है। हालाँकि खबर तो यह भी है कि उन्होंने और भी बहुत कुछ करने को कहा है। कुम्बले मेहमानों को मोटेरा का पहला सत्र दोहराने देने के मूड में नहीं है। अंतिम टेस्ट में जीत के लिए जो भी हो सकता है किया जा रहा है। वकेट से घास को लगभग साफ करने के बाद अब कुम्बले और हरभजन सिंह विकेट कीअच्छी तरह फिनिशिंग चाहते हैं। हरभजन ने नेट के बाद लगभग 15 मिनट विकेट पर शिवकुमार के साथ बिताए। भारतीय कप्तान के दिलो दिमाग पर मोटेरा के पहले सत्र की दहशत अभी तक कायम है। वेंकटेश प्रसाद ने पहले अभ्यास सत्र में लेग स्पिनर पीयूष चावला से काफी देर तक गेंदबाजी करवाई। कोच गैरी कर्स्टन ने भी मुरादाबाद के इस स्पिनर पर पूरी नजर रखी। साफ है कि थिंक टैंक की योजना यहाँ तीन स्पिनरों के साथ उतरने की है। विकेट का जल्दी टूटना तो तय है लेकिन अब भारतीय थिंक टैक के सामने यह समस्या है कि यदि टॉस जीतते भी हैं, तो पहले सत्र में डेल स्टेन, मखाया एन्टिनी और मोर्कल का सामना कैसे किया जाए। विकेट को देखकर ही लग रहा है कि पाँचवें दिन तक मैच का खिंचना काफी मुश्किल है। सुबह विकेट देखने के बाद दक्षिण अफ्रीकी कप्तान स्मिथ काफी सीरियस हो गए। बाद में मैदान से ही उनकी मोबाइल पर किसी से लम्बी वार्ता हुई। बल्लेबाज नील मैकेन्जी तो विकेट पर ही अपना सिर पकड़कर बैठ गए। जैक कैलिस ने विकेट का कई जगह से मुआयना किया और फिर हँसते हुए अपने साथियों के पास चले गए। मोर्कल और कोच मिकी आर्थर के चेहरे ने भी कुछ ऐसी ही प्रतिक्रिया दी। फिर भी मेहमान जानते हैं कि मनोवैज्ञानिक लड़ाई तो वे यहाँ आने से पूर्व ही जीत चुके हैं और अब पूरा दबाव मेजबानों पर ही होगा।

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