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प्रोफेसर पर हमला करने वाले चारों छात्र निलंबित

शिक्षकों के साथ मारपीट करने व धमकाने के आरोप में पटना विवि प्रशासन ने पांच छात्रों को निलंबित कर दिया है। साथ ही इन छात्रों को आगे की परीक्षाओं से भी निष्कासित कर दिया गया है। मंगलवार को साइंस कॉलेज केन्द्र पर चार उदंड छात्रों ने भौतिकी के शिक्षक डा. अमरेंद्र नारायण के साथ मारपीट की थी जबकि सोमवार को एक परीक्षार्थी ने अर्थशास्त्र के शिक्षक डा. सूफन प्रसाद को एलएलएम की परीक्षा के दौरान धमकी दी थी। वहीं पुलिस ने भी डा. अमरेंद्र नारायण के साथ मारपीट करने वाले छात्रों के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज कर ली है। इन पांचों छात्रों के भविष्य का फैसला विवि की अनुशासन समिति की बैठक में होगा। प्रशासन के इस फैसले के बाद पूटा ने हड़ताल वापस लेने की घोषणा की। अब पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत गुरुवार से परीक्षाएं होंगी।ड्ढr ड्ढr बुधवार को प्रति कुलपति प्रो. एसआई अहसन की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय आपात बैठक में आरोपी छात्रों के विरुद्ध कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया। बैठक में शिक्षक पर हमला करने वाले रूरल स्टडीज के छात्र गौतम कुमार (रौल-1655) और पीएमआईआर के कन्हैया कुमार (रौल-1563), कुमार गौरव (रौल-1564) व दीपक कुमार (रौल-1558) को तत्काल प्रभाव से परीक्षा व विश्वविद्यालय से निष्कासित करने का निर्देश जारी कर दिया। वहीं डा. सूफन प्रसाद को धमकी देनेवाले एलएलएम पार्ट-2 के छात्र संजय गांधी (रौल-16) को भी परीक्षा व विवि से निष्कासित करने का आदेश जारी कर दिया गया। प्रति कुलपति ने कहा कि इस घटना से शिक्षक व छात्र का संबंध खराब हुआ है। दूसरी ओर प्रो. अमरन्द्र नारायण की छात्रों द्वारा की गई पिटाई के मामले में पीरबहोर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है जिसमें चार छात्रों गौतम कुमार, कन्हैया कुमार, कुमार गौरव और दीपक कुमार (सभी पी.जी. और डिप्लोमा के परीक्षार्थी) को नामजद किया गया है। हालांकि घटना के 24 घंटे बाद भी किसी हमलावर की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।ड्ढr ड्ढr इस बीच बुधवार को दिन में लाव-लश्कर के साथ पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने कॉलेज परिसर में छानबीन करने के साथ ही प्रति कुलपति प्रो. एस. आई. अहसन व अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें पुलिस अधिकारियों ने उन्हें हरसंभव सुरक्षा देने का भरोसा दिया। एसएसपी अमित कुमार ने बताया कि हालात को देखते हुए परीक्षा के दौरान साइंस कॉलेज के साथ ही पटना कॉलेज में भी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। साथ ही आरोपित छात्रों की गिरफ्तारी होगी। पीरबहोर थानाध्यक्ष निसार अहमद ने बताया कि नामजद आरोपितों को पकड़ने के लिए पुलिस ने दबिश बढ़ा दी है। आरोपितों के बार में छानबीन की जा रही है। उनके घरों का भी पता लगाया जा रहा है। साथ ही कॉलेज के कागजातों व छात्रों से भी आरोपितों के संबंध में जानकारी इकट्ठा की जा रही है। उधर विवि के निर्देश के बाद पूटा ने अपनी प्रस्तावित हड़ताल को वापस लेते हुए गुरुवार से परीक्षा में फिर से काम करने की स्वीकृति दे दी। इस बाबत पूटा अध्यक्ष डा. उपेंद्र किशोर सिन्हा का कहना है कि एक तरफ पटना विवि शैक्षणिक कैलेंडर को लागू करने की योजना पर लगातार काम कर रहा है और उस पर इस तरह की घटनाओं से विवि का शैक्षणिक माहौल खराब होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की धटनाओं पर रोक के लिए विवि द्वारा विशेष कार्यक्रम तैयार किया जाए। पूटा महासचिव डा. रणधीर कुमार सिंह ने कहा कि हमें छात्रों से किसी प्रकार का द्वेष नहीं है। वे हमारे बच्चे हैं लेकिन कुछ छात्र मर्यादाओं को पार करने लगे हैं और उन्हें इसका सबक मिलना ही चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को पर्याप्त सुरक्षा दिलाने के लिए विवि प्रशासन को प्रयास करना ही होगा। उन्होंने कहा कि अभी तो हम हड़ताल वापस ले रहे हैं लेकिन अगर हमें पर्याप्त सुरक्षा मुहैया नहीं करायी गयी तो परीक्षाओं में वीक्षण कार्य करना हमारे लिए संभव नहीं होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि कुलपति के पटना लौटने के बाद इस मामले को और गंभीरता से उठाया जाएगा। बैठक में रािस्ट्रार विभाष कुमार यादव, साइंस कॉलेज के प्राचार्य डा. एसएन गुहा, डीन डा. एजाज अली अरशद, प्रॉक्टर डा. भगवान प्रसाद सिंह, परीक्षा नियंत्रक प्रो. सुरंद्र स्निग्ध, पूटा अध्यक्ष डा. यूके सिन्हा, महासचिव रणधीर कुमार सिंह, डा. आशुतोष कुमार, डा. डीएन सिन्हा, डा. रणविजय कुमार समेत कई पदाधिकारी मौजूद थे।

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