class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

वेतन आयोग की सिफारिशों पर केंद्रीय समिति

ेंद्रीय मंत्रिमंडल ने कई अहम मसलों को अपनी मंजूरी दी। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में सरकार ने वेतन आयोग की सिफारिशों पर कर्मचारियों के एक वर्ग में असंतोष को देखते हुए इसके लिए एक समिति गठित करने की घोषणा की है। इसकी जांच एक समिति से कराने की जहां महंगाई रोकने के लिए और कदम उठाने पर बल दिया वहीं भारत-बांग्लादेश के बीच मैत्री एक्सप्रेस को भी मंजूरी दे दी। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत तथा बांग्लादेश के बीच आपसी संबंध मजबूत बनाने तथा दोनों देशों की जनता के बीच संपर्क बनाने की मंशा से दोनों देशों के बीच यात्री रेलगाड़ी चलाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। दोनों देशों के बीच आगामी सोमवार 14 अप्रैल को बंगला नव वर्ष के दिन से यह रेल सेवाएं शुरू होंगी। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के बाद सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री कपिल सिब्बल ने संवाददाताओं को यह जानकारी दी। सिब्बल ने बताया कि इस कदम से दोनों देशों के बीच रिश्ते और मजबूत होंगे। साथ ही मंत्रिमंडल ने भारत-चिली तथा भारत-मैक्िसको के बीच विमान सेवाएं शुरू करने संबंधी समझौता किए जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी। इन समझौतों से दोनों देशों के बीच विमान संपर्क बढ़ेगा। इन्हें दोनों देशों के बीच नागरिक उड्डयन संबंध मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। समझौते के तहत इन देशों व भारत के बीच यादा से यादा विमान सेवाएं चलाना संभव होगा। कर्मचारियों के एक वर्ग के असंतोष को देखते हुए सरकार ने छठे वेतन आयोग की सिफारिशों की छानबीन के लिए कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में सचिवों की एक समिति गठित करने का भी फैसला किया। कैबिनेट सचिव केएम चंद्रशेखर की अध्यक्षता वाली सचिवों की अधिकार संपन्न समिति छठे वेतन आयोग की सिफारिशों की छानबीन कर अपनी रिपोर्ट सरकार को देगी, जिस पर मंत्रिमंडल अंतिम निर्णय लेगा। न्यायमूर्ति बीएन श्रीकृष्ण की अध्यक्षता वाले छठे वेतन आयोग ने गत 24 मार्च को सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी।ड्ढr केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने निजाम हैदराबाद के नाम से लंदन के नेट वेस्ट बैंक में पिछले 60 वर्ष से जमा रकम को लेकर निजाम के वारिसों तथा पाकिस्तान के बीच चल रहे विवाद का अदालत से बाहर निपटारा किए जाने के एक प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इस प्रस्ताव के तहत उस प्रक्रिया पर विचार किया जाएगा, जिसके तहत इस आशय के समझौते पर आगे बातचीत होगी। इस मुद्दे पर भारत तथा पाकिस्तान के बीच काफी लंबे समय से विवाद चल रहा है। समझौते के तहत दोनों देश 18 माह के अंदर इस समझौता प्रक्रिया को अंतिम रूप देंगे। यह राशि 10070 पौंड स्टर्लिंग तथा शिलिंग मूल्य की है। गौरतलब है कि आजादी के बाद यह रकम निजाम की सरकार की रजामंदी के बिना उनके वित्तमंत्री के निर्देश पर लंदन में पाकिस्तान के तत्कालीन उच्चायुक्त हबीब इब्राहीम रहीमतुल्ला के खाते में जमा कर दी गई थी। इन निर्देशों को गैरकानूनी माना गया, क्योंकि निजाम या उनकी सरकार की रजामंदी के बिना यह धन निकाला नहीं जा सकता था, इसलिए निजाम ने जब इस रकम को निकालना चाहा तो उन्हें उसकी मंजूरी नहीं दी गई। उसके बाद दोनों के बीच पत्राचार हुआ, लेकिन स्थिति जस की तस रही। ब्रिटेन की हाऊस ऑफ लार्डस का कहना था कि रकम पाकिस्तान सरकार के नाम जमा थी। अलबत्ता उसने यह भी माना कि उसे यह रकम मिलने वाली नहीं थी।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: वेतन आयोग की सिफारिशों पर केंद्रीय समिति