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इवेंट उद्योग 80,000 करोड़ के पार

शादी-ब्याह का काम अब चिंता का विषय नहीं रहा, इवेंट मैनेजमेंट कंपनियां हाजिर है। यह एक बड़े उद्योग (80 हजार करोड़ रुपए) की शक्ल ले चुका यह प्रसंग वर-वधु ढ़ूंढ़ने से लेकर हनीमुन प्लानिंग तक की सुविधा उपलब्ध करवाता है, वो भी आपके बजट के अनुसार। जितनी ज्यादा आपकी जेब भारी, उतनी ही अतिरिक्त सुविधायें और तामझाम भी। वहीं इस उद्योग से लाखों लोगों की रोजी-रोटी का जुगाड़ भी हो रहा है। इसलिए अब यदि घर में ऐसा कोई शुभ प्रसंग आये तो टेंशन करने का नहीं। इवेंट गुरु से मशहूर एस एस इवेंटस लि. के सीएमडी सुनील गर्ग ने बताया कि भारत की आíथक तरक्की से परंपरागत भारतीय विवाह समारोह भी अछूते नहीं है। अब विवाह समारोहों पर जमकर पैसा बहाया जा रहा है। विवाह समारोहों का प्रबंधन करने वाले मैरिज गार्डन और पांच सितारा होटलों से झपटकर इवेंट कंपनियों ने इस धंधे को एक बड़े उद्योग की शक्ल दे दी है। अब तो कुछ नामचीन लोग भी इस व्यवसाय में आ रहे हैं। यह उद्योग 80 हजार करोड़ रुपए के कारोबार को पार कर गया है। विवाह समारोहों का इवेंट बन जाना और इसके लिए इवेंट मैनेजमेंट कंपनियों का बाकायदा व्यावसायिक रूप से सक्रिय हो जाना विवाह में अनूठा मोड़ है। अब आमंत्रण किस भाषा शैली व किस तरह के कार्ड पर छपवाया जाये इसके लिए भी ये कंपनियां राय देती हैं।ड्ढr

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