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पटना में खुद अंडरग्राउंड केबलिंग करगा बिजली बोर्ड

राजधानी पटना में अंडरग्राउंड केबलिंग का काम बिजली बोर्ड अब अपने बूते करगा। इसके लिए बिहार बिजली बोर्ड ने देश की बड़ी कंसल्टेंट एजेंसी से बात भी कर ली है। फिलहाल बिजली बोर्ड वार्ड 18 में इस काम की शुरुआत करगा। इस योजना पर तकरीबन 100 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। यह राजधानी प्रक्षेत्र का दूसरा क्षेत्र होगा जहां अंडरग्राउंड केबलिंग का काम होगा। इसके पहले पावरग्रिड द्वारा पटना के सबसे वीआईपी एरिया ‘न्यू कैपिटल एरिया’ में यह काम किया जा रहा है। हालांकि यह काम दो वर्ष पूर्व ही शुरू किया गया था, लेकिन अबतक उसमें कोई खास प्रगति नहीं हो पाई है। यही नहीं राजधानी पटना के पम्प हाउसों तक अंडरग्राउंड केबलिंग का काम भी पावरग्रिड को तकरीबन दस माह पूर्व ही आवंटित किया गया, लेकिन काम अबतक शुरू नहीं हो पाया है।ड्ढr ड्ढr पावरग्रिड कारपोरशन द्वारा न्यू कैपिटल एरिया में किए जा रहे अंडरग्राउंड केबलिंग की मंद गति से बिजली बोर्ड नाराज है। मौजूदा गति से अगले दो वर्ष में भी उसके पूरा होने पर संदेह है। ऐसे में बिहार बिजली बोर्ड अब अपने स्तर से अन्य क्षेत्रों में अंडरग्राउंड केबलिंग के लिए पहल कर रहा है। इस संबंध में बुधवार को बिजली बोर्ड के अध्यक्ष स्वपन मुखर्जी के साथ एक बड़ी कंपनी के अधिकारियों के साथ बैठक भी हुई। अधिकारियों ने बोर्ड को आश्वस्त किया कि यह काम छह माह में पूरा हो सकता है। बिजली बोर्ड ने संबंधित कंपनी को वार्ड 18 में प्रारंभिक सव्रे करने को कहा है। इस योजना पर कुल लागत कितनी आएगी, इसका अलग से आकलन होगा। हालांकि अनुमान है कि इस योजना पर 100 करोड़ रुपए की लागत आएगी। बिजली बोर्ड का मानना है कि अगर सबकुछ ठीक-ठाक रहा तो वार्ड 18 में न्यू कैपिटल एरिया से पूर्व ही अंडरग्राउंड केबलिंग का काम पूरा हो जाएगा।ड्ढr ड्ढr कड़ी चेतावनी के बाद तीन इांीनियर निलंबन मुक्त : बिहार बिजली बोर्ड ने एसटीएफ के तीन निलंबित इंजीनियरों को कड़ी चेतावनी देते हुए निलंबनमुक्त कर दिया है। ये तीनों इंजीनियर फिर से एसटीएफ में ही तैनात किए गए हैं। पिछले दिनों काम में कोताही बरतने वाले एसटीएफ में तैनात विद्युत बोर्ड के तीन कार्यपालक अभियंताओं राजेन्द्र प्रसाद, जयप्रकाश सिंह और राजेन्द्र प्रसाद सिंह को बोर्ड ने निलंबित कर दिया था। इन इंजीनियरों ने बगैर जांच किये ही बहादुरपुर में बिजली चोरी नहीं होने की रिपोर्ट दे दी थी। गौरतलब है कि बोर्ड सचिव अरविन्द कुमार सिंह ने एसटीएफ को बहादुरपुर में बिजली चोरी की सूचना देने के बाद जांच की जिम्मेदारी उक्त अभियंताओं को सौंपी। आरोप यह था कि तीनों ने बगैर जांच के ही यह सूचना दे दी कि कहीं भी बिजली की चोरी नहीं हो रही है। इसी रिपोर्ट को आधार बनाकर बिजली बोर्ड अध्यक्ष से उक्त कार्यपालक अभियंताओं को निलंबित करने की अनुशंसा की गई थी। उधर पेसा के सचिव जे.पी.एन. सिंह ने इंजीनियरों को निलंबनमुक्त करने के बोर्ड अध्यक्ष के निर्णय का स्वागत किया है।

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  • Web Title: पटना में खुद अंडरग्राउंड केबलिंग करगा बिजली बोर्ड