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नरगा : न सौ दिन का काम मिला, न बेरोचागारी भत्ता

राज्य में नरगा की हालत ठीक नहीं है। सरकार के तमाम दावे के बाद भी गरीबों को सौ दिन का रोगार नहीं मिल रहा है। रोगार नहीं देने की स्थिति में बेरोगारी भत्ता देने की कानूनी बाध्यता है। पर इस बाध्यता की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। विधानसभा के बजट सत्र में इस मामले को लेकर जोरदार हंगामा हुआ था। सत्ता- विपक्ष के विधायकों ने सरकार को घेरा था। इसके बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं है। विधानसभा में दिये गये आश्वासन भी हवा हो रहे हैं। कैग की रिपोर्ट में भी नरगा की हकीकत का खुलासा हुआ है। 100 दिन के बजाय गरीबों को 21 दिन काम मिल रहा है।ड्ढr सरकारी आंकड़े के मुताबिक राज्य में कुल 28 लाख हाार 227 परिवार रािस्टर्ड कार्डधारी परिवार हैं। जिलों से प्राप्त सूचना के अनुसार 13 लाख 5हाार 762 परिवारों द्वारा कार्य की मांग की गयी है। इनमें महा 1732परिवार को ही 100 दिन का काम मिला। विधानसभा में कांग्रेस विधायक सुखदेव भगत ने सरकार से पूछा था कि रािस्टर्ड परिवारों को सरकार कब तक सौ दिन का काम देगी। सरकार ने बड़ी सफाई से जवाब दिया : रोगार नहीं देने पर दैनिक बेरोगारी भत्ता देने का प्रावधान है।ड्ढr माले विधायक विनोद सिंह कहते हैं: नरगा के नाम पर गरीबों के साथ मजाक हो रहा है। 100 दिन के काम नहीं मिलने की स्थिति में बेरोगारी भत्ता के लिए लगातार आवाज उठाने के बाद भी ठोस कार्रवाई नही होती। पिछले साल विस में बगोदर में नरगा के सच का खुलासा करने पर बीडीओ को सरकार ने सस्पेंड किया। लेकिन रािस्टर्ड कार्डधारी को काम और भत्ता तो नहीं मिला। बरोजगारी भत्ता देने के लिए सरकार रत्ती भर गंभीर नहीं है। कांग्रेस विधायक सुखदेव भगत के मुताबिक सरकार के काम का खुलासा करने को नरगा की हालत काफी है।

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