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महंगाई रोकने को रिचार्व बैंक ने कमर कसी

बेतहाशा बढ़ती महंगाई पर अंकुश लगाने के लिए भारत सरकार ने कई वित्तीय कदम उठाए पर वो विफल रहीं। इसके बाद जाकर भारतीय रिजर्व बैंक ने वाणिज्यिक बैंकों का नगदी आरक्षित अनुपात (सीआरआर) बढ़ाने की घोषणा की है। इस वृद्धि की घोषणा रिजर्व बैंक की ऋण एवं मौद्रिक नीति की 2अप्रैल को निर्धारित तिमाही समीक्षा के पहले की गई है। इसके अनुसार, 0.50 प्रतिशत की यह वृद्धि दो चरणों में प्रभावी होगी। पहले चरण में वाणिज्यिक बैंकों को 26 अप्रैल से 7.75 प्रतिशत तथा दूसरे चरण में 10 मई से आठ प्रतिशत का सीआरआर रखना होगा। सीआरआर बढ़ाने का रिजर्व बैेंक का यह निर्णय सभी अधिसूचित वाणिज्यिक बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों तथा सहकारी बैंकों पर लागू होगा। गुरुवार को सीआरआर बढ़ाने की औचक घोषणा के बावजूद कई बैंकरों तथा बौंड डीलरों का मानना है कि भारतीय रिार्व बैंक 2अप्रैल को अपनी सालाना मौद्रिक नीति की घोषणा के दौरान दरों में बढ़ोत्तरी करने का निर्णय ले सकता है। अनुमान है कि इस निर्णय के कार्यान्वयन से देश में बैंकिंग व्यवस्था से 18500 करोड़ रूपए सोखा जा सकेगा तथा ऋण महंगा हो जाएगा। कैनरा बैंक के चेयरमैन एम बी एन राव ने कहा कि दरों में वृद्धिकरने से पहले हम मौद्रिक नीति की घोषणा किए जाने का इंतजार करंगे।

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