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होटलों के किरायों में कमी आने के आसार

भारत के होटल टैरिफ के बार में विशेषज्ञों का राय यही रही है कि जो एक बार बढ़ गया, वह हमेशा बढ़ता नहीं रह सकता। देश में होटल टैरिफ पिछले कई सालों से 25 से 30 प्रतिशत सालाना की दर से बढ़ता रहा है। लेकिन भला हो, नए होटल कमरों की बढ़ती उपलब्धता की जिसकी वजह से अगले दो से तीन सालों में इसमें करक्शन आने की उम्मीद की जाने लगी है। अंटरनेशनल प्रापर्टी कंसलटेन्सी कंपनी कुशमैन एंड वेकफील्ड हास्पिटैबिलिटी के दक्षिण एशिया के डायरक्टर अक्षय कुलकर्णी का कहना है कि अगले कुछ वर्षो में इन ज्यादातर नगरों (मुंबई एवं दिल्ली) में बाजार में अधिकांश वर्गो में आपूर्ति काफी बढ़ जाएगी जिसकी वजह से टैरिफ में करक्शन का दौर शुरू हो जाएगा। श्री कुलकर्णी के अनुसार, 2007 में मुंबई एवं दिल्ली में कमरों की दरं 40 प्रतिशत के लगभग बढ़ीं जोकि 15 प्रतिशत के ग्लोबल औसत से काफी अधिक रहीं। पिछले चार वर्षो से भारत में बैंगलुरु, चेन्नई तथा हैदराबाद जसे अपेक्षाकृत छोटे शहरों में रुम दरं 30 प्रतिशत के औसत से बढ़ रही हैं। डैनवे, डे होटल्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक मंदीप लांबा का कहना है कि अधिकांश बाजारों में नए इन्वेटरी के आने की उम्मीद है जिससे होटल के कमरों की सप्लाई काफी बढ़ जाएगी।ं

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