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आरएसएस के एजेंडे पर नीतीश

राजद ने आरोप लगाया है कि नीतीश सरकार बिहार में आरएसएस के एजेंडे को लागू कर रही है। इसी के तहत यह सरकार राज्य के अल्पसंख्यकों को राजनीतिक, सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक तौर पर कमजोर करना चाहती है। राजद के मुख्य प्रवक्ता शकील अहमद खां और प्रवक्ता भीम सिंह ने मंगलवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि केन्द्र सरकार ने अल्पसंख्यक छात्रों के लिए पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना लागू की। इसके लिए बिहार में वर्ष 2006-07 में 22 हाार 500 छात्रों ने आवेदन किया। इसमें 55 सौ लड़कों को 10 हाार रुपये प्रति विद्यार्थी स्कॉलरशिप मिलनी थी। बिहार सरकार छात्रों के आवेदन समय पर केन्द्र सरकार को नहीं भेज सकी और पैसा लैप्स कर गया।ड्ढr ड्ढr उन्होंने कहा कि इसी तरह केन्द्र सरकार की एक अन्य योजना के अनुसार बैंकिंग, एमसीए और एमबीए में नामांकन के लिए कोचिंग करने वाले प्रत्येक अल्पसंख्यक छात्र को 15 हाार रुपये और मेडिकल, इांीनियरिंग, आईआईटी और आईआईएम में नामांकन के लिए कोचिंग करने वाले प्रत्येक अल्पसंख्यक छात्र को 20 हाार रुपये देने का प्रावधान है। बिहार के 36 कोचिंग सेंटरों ने इसके लिए आवेदन किया। बिहार सरकार को कोचिंग सेंटर का चयन करना था परन्तु सरकार यह नहीं कर सकी। योजना के अनुसार इसकी राशि केन्द्र सरकार सीधे कोचिंग सेंटर को भेजती लेकिन कोचिंग सेंटर की सूची बिहार सरकार को ही केन्द्र तक भेजनी थी। बिहार सरकार यह भी नहीं कर सकी और छात्र इससे वंचित रह गए। इसके अतिरिक्त बिहार सरकार ने अभी तक अल्पसंख्यक छात्रों को प्रोफेशनल कोर्स स्कॉलरशिप की राशि नहीं उपलब्ध कराई है। केन्द्र ने इस मद में 3 करोड़ 56 लाख रुपये बिहार सरकार को भेजे हैं। इस योजना के तहत प्रत्येक छात्र को 25 से 30 हाार रुपये मिलने हैं।

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