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तपिश की थाह लेने पटना पहुंचे राजनाथ

भाजपा आलाकमान ने आखिरकार बिहार मामले को सुनवाई लायक समझते हुए संज्ञान ले लिया है। मंत्रिमंडल पुनर्गठन के बाद भड़के असंतोष के मद्देनजर भाजपा के बिहार प्रभारी कलराज मिश्र बुधवार की रात पटना पहुंचे। श्री मिश्र बागी विधायकों और नाराज चल रहे मंत्रियों से गुरुवार को दिन भर ‘मैन टू मैन’ मिलकर माहौल की तपिश की थाह लेंगे और केन्द्रीय नेतृत्व को रिपोर्ट करंगे। पार्टी की नब्ज टटोलकर उनके वापस लौटने पर 26 अप्रैल को दिल्ली में केन्द्रीय कोर कमेटी की बैठक होने की संभावना है।ड्ढr ड्ढr आलाकमान के किसी निर्णय पर पहुंचने में मिश्र की रिपोर्ट की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। हवाई अड्डे पर पत्रकारोंसे बातचीत में श्री मिश्र ने माना कि इस मुद्दे को लेकर अचानक उनको पटना आना पड़ा है। वैसे भाजपा में कोई बागी नहीं है। मंत्रिमंडल विस्तार के बाद कुछ दिक्कतें आई हैं जिसे दूर कर लिया है।ड्ढr इस बीच पटना में पूर दिन राजनीतिक सरगर्मी तेज रही। पूर्व केन्द्रीय मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन के भी दिल्ली रवाना होने से पहले पटना में उनसे कई विधायकों ने मुलाकात की। श्री हुसैन ने कहा कि उनको उम्मीद है कि गतिरोध दूर हो जाएगा। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री चन्द्रमोहन राय, अमरन्द्र प्रताप सिंह और रामेश्वर प्रसाद चौरसिया बुधवार को भी अपनी मुहिम जारी रखते हुए दिल्ली में शीर्ष नेता लालकृष्ण आडवाणी, सुषमा स्वराज और जसवंत सिंह से मिले। विधान पार्षद बालेश्वर सिंह और विधायक रामप्रीत पासवान भी दिल्ली पहुंचकर राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह समेत कई नेताओं से मिले। श्री भारती ने कहा कि केन्द्र को बिहार के बार में वस्तुस्थिति की जानकारी दे दी गई है। उन सभी ने केन्द्र से भाजपा में व्यक्ितवाद और एक नेता की मनमानी पर अंकुश लगाने को कहा है। उधर मंगलवार को बिहार के पांच भाजपा सांसदों ने भी दिल्ली में बैठक करके सूबे के राजनीतिक हालात पर विचार किया।

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