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बिहार का पुनर्निर्माण किसी यज्ञ से कम नहीं

बिहार का पुनर्निर्माण किसी यज्ञ से कम नहीं है। बिहार को बनाने के लिए सामूहिकता का परिचय देना होगा। अच्छी कमाई के लिए प्रदेश से बाहर जाना अच्छी बात है। लेकिन दो जून की रोटी के लिए बाहर जाकर असम में जलील होना शर्म की बात है। इसे रोकने का प्रयास होना चाहिए। उक्त बातें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को चढ़ुआं (कुढ़नी) में आयोजित एक सभा को संबोधित करते हुए कही।ड्ढr ड्ढr चढ़ुृआं में आयोजित सहस्त्र चंडी महायज्ञ में पहुंचे मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजनों से सामूहिकता का भाव पैदा होता है। यहाँ किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होता है। इसी भाव को जीवन में उतारने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बीपीएल के सव्रे में एक करोड़ 13 लाख गरीब नहीं दरिद्र हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली व शिक्षा से वंचित हैं। बिहार को 2015 तक विकसित राज्य बनाने का संकल्प है। और यह आप सबके लिए किसी महायज्ञ से कम नहीं है। बिहार के लोग काफी मेधावी है। अब ताकतवर बिहार बनाना है।ड्ढr ड्ढr इस मौके पर खाद्य आपूर्ति मंत्री नरन्द्र सिंह ने कहा कि पूजा - अर्चना करने से मन में शांति मिलती है। हमार अंदर राम व रावण दोनों है। संपत्ति व पद के लिए लोग जो कुछ कर रहे हैं, वह किसी से छिपी नहीं है। अतिथियों ने महायज्ञ के आयोजन के लिए कुढ़नी के विधायक मनोज कुमार की जमकर प्रशांसा की। सभा को लघु सिंचाई मंत्री दिनेश प्रसाद, सकरा विधायक विलट पासवान, नगर विधायक वीजेन्द्र चौधरी, विधान पार्षद गणेश भारती, देवेश चन्द्र ठाकुर, पूर्व मंत्री बसावन भगत ने संबोधित किया। यज्ञ में सहयोग करनेवाले लोगों को मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया। सभा को संबोधित करने से पहले पूर्व मुख्यमंत्री ने यज्ञशाला में हवन करने के बाद वैष्णव देवी गुफा का दर्शन भी किया।

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