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अंधेर में है झारखंडहिन्दुस्तान टीम रांचीधनबाद?3द्वद्यज्ठ्ठड्डद्वद्गह्यश्चड्डष्द्ग श्चrद्गथ्न्3 = o ठ्ठह्य = ह्वrठ्ठज्ह्यष्द्धद्गद्वड्डह्य-द्वन्ष्roह्यoथ्ह्ल-ष्oद्वज्oथ्थ्न्ष्द्गज्oथ्थ्न्ष्द्ग

झारखंड को बिजली संकट से निजात नहीं मिली है। सेंट्रल पूल और डीवीसी की कटौती से संकट और गहरा गया है। पीटीपीएस की दो इकाइयों से सिर्फ 82 मेगावाट उत्पादन हो रहा है, जबकि छह-सात नंबर यूनिट चालू नहीं हो सकी है। राजधानी को आधी बिजली मिल रही है। टीवीएनएल से 1मेगावाट बिजली पैदा हो रही है। राज्य को सेंट्रल पूल से 181 और डीवीसी से मात्र 50 मेगावाट बिजली ही मिल रही है। रांची समेत राज्य के सभी जिलों में लोड शेडिंग हो रही है। राजधानी को 0 से 100 मेगावाट बिजली दी जा रही है, जबकि खपत 180 से 10 मेगावाट है।इस बीच, दामोदार घाटी निगम का मेजिया (बंगाल) और चंद्रपुरा प्लांट (झारखंड) के बीच 220 केवी विद्युत आपूर्ति लाइन में खराबी से गुरुवार को पूर्वाह्न् साढ़े 11 बजे दुर्गापुर, चंद्रपुरा और बोकारो थर्मल पावर प्लांट बैठ गये। इससे झारखंड, बिहार और बंगाल का बड़ा हिस्सा बिजली संकट की चपेट में आ गया। ब्लैकआउट होते ही हावड़ा-धनबाद और गया के बीच ग्रैंडकॉड लाइन पर ट्रेनें जहां-तहां रुक गयीं। हालांकि डीवीसी ने 15-20 मिनट में ही रलवे की बिजली बहाल कर दी। लेकिन राज्य के शहरी-ग्रामीण क्षेत्रों और उद्योगों की बिजली सप्लाई देर रात तक ठीक नहीं हो सकी थी। बोकारो पावर स्टेशन बैठने से जमशेदपुर और बिहारशरीफ को बिजली बंद हो गयी। चंद्रपुरा थर्मल पावर स्टेशन से जुड़े कोयलांचल में हाहाकार मच गया। डीवीसी ने शाम छह बजे चंद्रपुरा और बोकारो थर्मल प्लांट की दो-दो यूनिटें चालू तो कर दीं, लेकिन आपूर्ति सामान्य नहीं हुई। इस वजह से उत्तरी छोटानागपुर के चार जिलों में आधी बिजली दी जा रही है। प्रमंडल के हाारीबाग, गिरिडीह, कोडरमा और रामगढ़ को डीवीसी से 120 मेगावाट बिजली की आपूर्ति की जाती है। तकनीकी गड़बड़ी के बाद आपूर्ति घटाकर 50 से 60 मेगावाट कर दी गयी है। बताया गया है कि देर रात तक गड़बड़ी ठीक होने की संभावना है।

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  • Web Title: अंधेर में है झारखंडहिन्दुस्तान टीम रांचीधनबाद?3द्वद्यज्ठ्ठड्डद्वद्गह्यश्चड्डष्द्ग श्चrद्गथ्न्3 = o ठ्ठह्य = ह्वrठ्ठज्ह्यष्द्धद्गद्वड्डह्य-द्वन्ष्roह्यoथ्ह्ल-ष्oद्वज्oथ्थ्न्ष्द्गज्oथ्थ्न्ष्द्ग