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भगत सिंह के खानदान का ‘सिपाही’

ोई नहीं जानता था कि सेना के एक अधेड़ उम्र का जनरल प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के दिल को इस कदर छू लेगा। लेकिन अखनूर में ऐसा ही एक वाकया हो गया। यह जनरल हैं मेजर जनरल शेवनान सिंह जिनके बार में उनके बहुत कम ही सहयोगी जानते होंगे कि वह शहीदे आजम भगत सिंह के खानदान के हैं। शेवनान सिंह दरअसल भगत सिंह के छोटे भाई रणवीर सिंह के बेटे हैं। इस मेजर जनरल के बार में बाहरी दुनिया को तो छोड़ दीजिए, सेना में भी शायद ही कोई जान पाता, अगर अखनूर दौर पर आए प्रधानमंत्री को शुक्रवार को रक्षा राज्यमंत्री पल्लम राजू ने उनका परिचय न दिया होता। जनरल के बार में राजू से सुनते ही प्रधानमंत्री जनरल से मिलने पहुंच गए। नगरोटा स्थित 16वीं टुकड़ी के मुख्यालय के चीफ ऑफ स्टॉफ शेवनान सिंह ने इस अखबार से कहा, ‘प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए सम्मान से मेरा गौरव और बढ़ गया है। लेकिन अगर मुझसे पूछा जाए तो मैं इस संबंध को जाहिर नहीं करना चाहूंगा। इस तरह की विरासत को संभालना आसान नहीं होता है। क्योंकि मेरी एक गलती से शहीदे आजम के नाम पर कलंक लग सकता है।’ निडरता तो उनके रगों में भरी हुई है। पैरा कमांडों शेवनान ने 10 के दौरान श्रीलंका गई भारतीय शांति रक्षक सेना के ऑपरशन में भी अपनी वीरता की कहानियां स्वणाक्षरों में लिखी थीं। जाफना में लिट्टे छापामारों के खिलाफ पहला हमला बोलनेवाली टुकड़ी में शेवनान को खासतौर पर चुना गया था। इस वीरता के लिए उन्हें वीर चक्र से सम्मानित किया गया था। लेकिन उनके पिता उस सम्मान समारोह में नहीं गए थे।

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  • Web Title: भगत सिंह के खानदान का ‘सिपाही’