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दो टकिये की नौकरी में डोली हो गई लेट

और प्रशिक्षण के कारण नयी नवेली दुल्हन अपने ससुराल 8 घंटे विलंब से पहुंची। शादी के तुरंत बाद दूल्हे मियां को अपनी शिक्षिका पत्नी सुषमा के प्रशिक्षण को लेकर ससुराल में ही रुकना पड़ा और नयी नवेली दुल्हन अपनी नौकरी बचाने के लिए विदाई की रस्म को फिलहाल छोड़ हाथों में मेंहदी लगाए और शादी के जोड़े में ही प्रशिक्षण के लिए अपने स्कूल पहुंच गयी। बाकायदा प्रशिक्षण का कार्यक्रम चला और आठ घंटे बाद जब दुल्हन घर पहुंची तो पुन: शुरू हुआ रोने-धोने का कार्यक्रम और अपने तय मुहूर्त से आठ घंटे बाद विदा हुई सुषमा।ड्ढr ड्ढr मामला पखनहिया पंचायत का है जहां उसी पंचायत की मुड़वा गांव निवासी व डैनिया टोला गांव स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत पंचायत शिक्षिका सुषमा कुमारी उर्फ नूतन की शादी 23 अप्रैल को थी और विदाई 24 को। शादी से पूर्व ही शिक्षिका रामगढ़वा स्थित प्रखंड संसाधन केन्द्र में संचालित 51 दिवसीय गैर आवासीय प्रशिक्षण में साधनसेवियों द्वारा प्रशिक्षण प्राप्त कर रही थी। शादी से एक दिन पूर्व तक उसने प्रशिक्षण लिया। जिस दिन उसके हाथ पीले होने थे, उस दिन भी प्रशिक्षण निर्धारित था। लेकिन शादी के कारण सुषमा प्रशिक्षण के लिए उस दिन स्कूल नहीं आ सकी। शादी के बाद जब विदाई की रस्म अदा की जा रही थी तभी उसके घर फोन की घंटी बजी और कहा गया कि प्रशिक्षण में आना अनिवार्य है। सूचना मिलते ही शिक्षिका ने फिलहाल सखी सहेलियों व परिानों से लिपट कर रोना धोना छोड़ दिया और अपनी नौकरी को बचाने के लिए प्रशिक्षण स्थल पहुंची। इसे देख मौजूद अन्य प्रशिक्षु शिक्षक व महिला साधनसेवी भी आश्चर्य चकित हो गये। बहरहाल इस बीच अपनी आंखों से आठ घंटे तक के लिए ओझल हुई अपनी दुल्हन की राह तकते रहे दुल्हा मियां और तय समय से करीब आठ घंटा बाद विदा हुई सुषमा।

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  • Web Title: दो टकिये की नौकरी में डोली हो गई लेट