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अब विदेशी बाजारों पर निर्भर कचचरेगी शेयर बाजारों कचची चाल

देश के शेयर बाजारों में पिछले दो सप्ताह से चली आ रही तेजी आगामी हफ्ते विदेशी शेयर बाजारों की चाल पर निर्भर करेगी। छब्बीस अप्रैल को समाप्त हुए सप्ताह में बम्बई शेयर बाजार का सेंसेक्स 644.78 अंक तथा एनएसई का निफ्टी 153.30 अंक की जोरदार बढ़त के साथ बंद हुए। बाजार विशलेषकों का कहना है कि वैसे तो बढ़त का सिलसिला बने रहने की अधिक संभावना है, किंतु इसका काफी कुछ दारोमदार विदेशी बाजारों की चाल पर निर्भर करेगा। दिल्ली शेयर बाजार के पूर्व अध्यक्ष और ग्लोब कैपीटल मार्केट्स लिमिटेड के प्रमुख अशोक कुमार अग्रवाल के अनुसार फिलहाल, जो परिस्थितियां है, उसे देखते हुए बाजार का मूड अच्छा लग रहा है। उन्होंने कहा कि कंपनियों के परिणामों को लेकर बाजार को जैसी उम्मीद थी, नतीजे उससे कहीं बेहतर निकले। श्री अग्रवाल का कहना है कि महंगाई को लेकर थोड़ी बहुत चिंता जरूर है, किंतु गेहूं के दामों में नरमी का रुख है और आगे मानसून अच्छा रहने की उम्मीद से आवश्यक जिसों के दामों में उतार आ सकता है, जो बाजार के लिए अच्छा रहेगा। शुक्रवार को अमेरिका के शेयर बाजारों में गिरावट का रुख रहा। माइक्रोसाफ्ट कार्पोरेशन के निराशाजनक परिणामों और कच्चे तेल की रिकार्ड कीमतों से बाजार पर असर दिखा। इसका सोमवार को यहां के बाजार पर कुछ प्रभाव देखा जा सकता है। रिजर्व बैंक 2अप्रैल को चालू वित्त वर्ष के लिए ऋण एवं मौद्रिक नीति की घोषणा करेगा। बाजार की नजर इस पर टिकी हुई है कि रिजर्व बैंक महंगाई को रोकने के लिए क्या ब्याज दरों में बढ़ोत्तरी करेगा। बैंक पहले ही आश्चर्यजनक ढंग से नगद सुरक्षित अनुपात (सीआरआर) में आधा प्रतिशत बढोत्तरी कर चुका है। दो चरणों में लागू की जाने वाली बढोत्तरी की पहली किस्त छब्बीस अप्रैल को शुरू हो गई। दूसरे चरण की वृद्धि 10 मई से लागू होगी। रिजर्व बैंक के इस कदम से बैंकिंग तंत्र से साढ़े अट्ठारह हजार करोड़ रुपए निकल जाएंगे। छब्बीस अप्रैल को समाप्त हुए सप्ताह में सेंसेक्स 644.78 अंक अर्थात 3.प्रतिशत की वृद्धि के साथ पचपन दिन के बाद 17 हजार अंक को पार करने में सफल रहा। यह 17125.अंक पर बंद हुआ। एनएसई निफ्टी 153.3 अंक अर्थात 3.0प्रतिशत की छलांग के साथ 5111.70 अंक पर पहुंच गया। कंपनियों के बेहतर परिणामों की बदौलत विदेशी निवेशकों की सक्रियता फिर से दिखी। बीएसई के मिडकैप और स्मालकैप भी तेजी की दौड़ में पीछे नहीं रहे। इनमें क्रमश: 21अंक अर्थात 3.22 प्रतिशत तथा 1अंक अथवा 2.30 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। बीते सप्ताह के पहले दो दिनों में तेजी पाने के बाद बुधवार को शेयर बाजारों को झटका लगा। गुरुवार को वायदा एवं विकल्प कारोबार का अंतिम दिन होने के कारण सीमित गतिविधियों के बीच शेयर बाजारों में मिलाजुला रुख रहा, किंतु शुक्रवार को शेयर बाजारों ने अच्छी छलांग लगाई। सप्ताह के दौरान सेंसेक्स से जुड़ी कंपनियों में बढ़त पाने वाले शेयरों में आईसीआईसीआई बैंक का शेयर प्रतिशत बढ़कर पए पर पहुंच गया। समाप्त वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही में शुद्ध लाभ में गिरावट के समाचारों के बीच अग्रणी यात्री कार कंपनी मारुति सुजूकी इंडिया लिमिटेड का शेयर 2.प्रतिशत गिरकर 737.25 रुपए का रह गया। रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में 2624.50 रुपए पर 0.47 प्रतिशत का नुकसान हुआ। इंजीनियरिंग और निर्माण क्षेत्र की अग्रणी कंपनी लार्सन एंड टूब्रो का शेयर 7.03 प्रतिशत की छलांग से 2पए पर पहुंच गया। सत्यम कंप्यूटर का शेयर 444.60 रुपए पर 5.1प्रतिशत नीचे आए। विप्रो में 466.20 रुपए पर 1.52 प्रतिशत की बढ़त थी।

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  • Web Title: विदेशी बाजारों पर निर्भर कचचरेंगे शेयर बाजार