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पुलिस आखिर किसके साथ

शाम 5.15 बजे : हम निकल पड़े। एनएच-1, सी ब्लॉक स्थित पीसीओ से हमने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी कि 10 मिनट पहले नीले-काले रंग की बाइक (एचआर 51 क्यू 7060) टीवीएस विक्टर बीकानेर स्वीट हाउस के सामने से चोरी हो गई है। फिर हम निकल पड़े रो गार्डन की ओर। एसएसपी ने कहा, ‘दूसरी मोटरसाइकिल की भी चोरी की सूचना दे दें।’ 5.30 बजे : हमार फोटोग्राफर ने कंट्रोल रूम को सूचना दी कि उसकी ब्लैक कलर की सीडी डॉन बाइक (एचआर 2एल 0742) रो गार्डन से चोरी हो गई है। हम एनएच-2 होते हुए मसिद मोड़ पहुंचे। दो पुलिसकर्मी वायरलेस सेट के साथ थे। उन्हें देख एसएसपी ने कहा, ‘इन दोनों का हाल तो देखिए, वीटी सुन तक नहीं रहे हैं कि क्या मैसेज चल रहा है।’ मसिद मोड़ से गुड़गांव रोड तक पुलिस का अता-पता नहीं था। यह देख एसएसपी बोले, ‘अजीब स्थिति है, इतनी जरूरी जगह पर कोई है ही नहीं।’ गुड़गांव नाके पर दो ट्रैफिक पुलिसकर्मी दिखे। उन्हें देख एसएसपी ने कहा, ‘ये ट्रैफिक वाले भी किसी ड्राइवर टाइप के बंदे से बात कर जा रहे हैं। ..इनके सामने से ही मोटरसाइकिल गुड़गांव रोड पर ले चलो।’ हम गुड़गांव रोड होते हुए वापस आए। फिर बडख़ल चौक, अनखीर चौक, सेक्टर 21 बी, एनएच-चार, सीजीओ कांप्लेक्स के खाली पड़े पुलिस नाकों से होते हुए 6 बजे ओल्ड रलवे स्टेशन के गोल चक्कर पहुंचे। यहां थाना एनआईटी प्रभारी पुलिसकर्मियों के साथ मोटर साइकिलों के चालान काट रहे थे। उनके सामने से दोनों बाइक निकल गईं, किसी ने नहीं रोका। यह देख एसएसपी ने कहा, ‘यार, एक बार और घुमाओ।’ हमने मोटरसाइकिलें घुमाईं। इस बार थाना प्रभारी ने एसएसपी को पहचान लिया और जोरदार सैल्यूट मारा। उसे नजरअंदाज करते हुए एसएसपी ने कहा, ‘चलते रहो.. देखो, मेर पास कैसे आदमी हैं..मैं दिख गया लेकिन चोरी की मोटरसाइकिल नहीं।’ 6.05 बजे : नीलम चौक। पीसीआर वैन खड़ी थी। पुलिसकर्मी बाइक वालों का चालान कर रहे थे। उनके सामने से भी मोटरसाइकिलें निकल गईं। इसपर एसएसपी ने कहा, ‘जरा एक बार घुमाना तो।’ हमने मोटरसाइकिलें घुमाईं। एसएसपी ने फोटोग्राफर को कहा, ‘अपनी मोटरसाइकिल लेकर जाओ और पीसीआर से कोई पता पूछना।’ फोटोग्राफर ने पुलिसकर्मियों से पता पूछा। उन्होंने बड़े आराम से रास्ता समझाया और फिर वह थैंक्स कहकर आगे बढ़ गया। यह देख एसएसपी केवल इतना कह पाए, ‘हूं..कमाल के आदमी हैं।’ एसएसपी ने थोड़ी झल्लाहट के साथ कहा, ‘जाइए..देखिए तो इसका नंबर क्या है।’ वह गया और बताया ‘जी..26 है।’ 6.15 बजे : मोटरसाइकिलें नीलम-बाटा रोड होते हुए बाटा चौक और फिर हार्डवेयर चौक होते हुए एनएच 1-2 चौक पहुंचीं। एसएसपी ने कहा, ‘कुछ देर कोतवाली क्षेत्र में घुमाते रहिए..उनके क्षेत्र का मामला है, कम से कम उन्हें तो अलर्ट होना चाहिए।’ हम 5-7 मिनट कोतवाली क्षेत्र में इधर से उधर घूमते रहे। रोकने वाला कोई नहीं था। 6.25 बजे : दोनों मोटरसाइकिलें फिर मसिद मोड़ पहुंचीं। एनएच-3 और एसजीएम नगर होते हुए दोनों मोटर साइकिलें बीके चौक, नीलम चौक, अजरौंदा चौक, सेक्टर-15 ए मोड़, सेक्टर 15 और 15-ए डिवाइडिंग रोड से होते हुए 6:45 बजे एसएसपी के घर पहुंच गईं।

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