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बगैर किताबें कैसे हो पढ़ाई

एनसीईआरटी की पुस्तकें बिहार समेत 13 राज्यों में नहीं मिल रही हैं। इसके कारण इन राज्यों के छात्र-छात्राओं की पढ़ाई चौपट हो रही है।् वहीं कालाबाजारी करने वालों की चांदी है। 2008-0ा सत्र शुरू हो गया है लेकिन एनसीईआरटी के वर्ग पांच और आठ की किताबें नहीं मिल रही हैं। राजधानी पटना में तो वर्ग नौ एवं दस के सामाजिक विज्ञान एवं वर्ग छह की संस्कृत की किताबें भी उपलब्ध नहीं हैं।ड्ढr ड्ढr निजी स्कूल संचालकों ने तो अन्य पब्लिकेशन की किताबों से विद्याथिर्यों को पढ़ाना शुरू कर दिया है पर केंद्रीय विद्यालय और नवोदय विद्यालय के विद्यार्थियों की पढ़ाई चौपट हो रही है। पटना के ज्ञान गंगा पब्लिकेशन के एमडी भरत सिंह ने बताया कि एनसीईआरटी ने पुस्तक वितरण के लिए पूर देश को पांच जोनों में बांटा है।ड्ढr बिहार में कोलकाता जोन से किताबें आती हैं। बिहार के अलावा इस जोन से बंगाल, उड़ीसा, झारखंड, लक्ष्यद्वीप, कोलकाता और उत्तर-पूरब के सात राज्यों में भी किताबें वितरित की जाती हैं। एनसीईआरटी द्वारा 2006 में वर्ग एक, तीन, छह, नौ, ग्यारह और 2007 में वर्ग दो, चार, सात, 10 व 12 का सिलेबस बदला जा चुका है। वर्ग पांच एवं आठ का सिलेबस बदलने का निर्णय भी पिछले वर्ष ही हो गया था पर अब तक प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि मांग की मात्र पांच फीसदी पुस्तकें 15 अपैल को दिल्ली में रिलीज की गयी हैं। जिनको किताबें हाथ लगीं वे कालाबाजारी कर रहे हैं। एनसीईआरटी के नियम के अनुसार सिलेबस बदले जाने के बाद पहली खेप में पांच फीसदी पुस्तकें रिलीज होती हैं। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि अभी कोलकाता जोन से पुस्तक वितरण होने में देर हो सकती है।

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