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नेपाल में नई सरकचचार केचच गठन कचचो लेकचचर परेशानियां

नेपाल के संविधान सभा चुनाव में किसी भी राजनीतिक दल को बहुमत नहीं मिल पाने की हालत में यहां नई सरकार के गठन को लेकर मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) हालांकि चुनाव में सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है, लेकिन वह सरकार बनाने के लिए जरूरी दो तिहाई बहुमत हासिल करने से चूक गई है। इन स्थितियों में सभी राजनीतिक दलों ने एक बीच का रास्ता निकाला है। ‘कांतिपुर टाइम्स’ के मुताबिक, माओवादी अन्य दलों- नेपाली कांग्रेस, सीपीएन यूएमएल, और मधेसी राइट्स फ ोरम के साथ मिलकर संविधान के उस प्रावधान में संशोधन की योजना बना रहे हैं, जिसके तहत किसी भी दल को सरकार बनाने के लिए दो तिहाई बहुमत प्राप्त करना जरूरी है। माओवादी शुरू में ऐसे किसी संशोधन के खिलाफ थे। लेकिन फिलहाल उन्होंने ताजा प्रस्ताव के लिए एक शर्त रखी है। उनका कहना है कि अगर ऐसा कोई संशोधन प्रस्ताव पारित होता है, तो देश में राष्ट्रपति शासन प्रणाली होनी चाहिए और राष्ट्रपति नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) से ही चुना जाना चाहिए। नए घटनाक्रम की शुरूआत ऐसे समय में हुई है, जब नेपाली कांग्रेस के नेता इस बात पर जोर दे रहे हैं कि सरकार का नेतृत्व नेपाली कांग्रेस के हाथों में ही रहना चाहिए। अखबार के मुताबिक, मधेसी पार्टी के अध्यक्ष उपेन्द्र यादव ने कहा है कि नेपाली कांग्रेस और सीपीएन यूएमएल के नेता संविधान संशोधन के हक में हैं। उधर, एक शीर्ष माओवादी नेता मोहन बैद्य किरण ने कहा कि संशोधन प्रस्ताव के रास्ते में कोई बाधा नहीं आएगी बशर्ते यह सबकी सहमति से लाया जाए। इस बीच, सीपीएन यूएमएल ने माओवादियों को सरकार बनाने में समर्थन देने के पहले उनसे कुछ सख्त राजनीतिक आश्वासनों की मांग की है। पार्टी के कार्यवाहक महासचिव अमृत कुमार बोहरा की ओर से रखे गए प्रस्ताव में माओवादियों से उनके युवा संगठन यंग कम्युनिस्ट लीग को भंग करने, जब्त की गई संपत्तियां लौटाने और मौजूदा संविधान में संशोधन के लिए तैयार रहने की मांग की गई है। प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि यूएमल माओवादियों के नेतृत्ववाली सरकार में हिस्सेदार बनना चाहती है, लेकिन अगर ऐसी व्यवस्था नहीं हो पाई तो वह सरकार को बाहर से समर्थन देगी। पार्टी की केन्द्रीय समिति की ओर से बोहरा के प्रस्ताव पर मंगलवार को विचार किया जाएगा।

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  • Web Title: नेपाल में नई सरकचचार पर परेशानियां