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अभी और रुलायेगी बिजली

राज्य में बिजली की स्थिति पूरी तरह चरमरा गयी है। हाल-फिलहाल में बिजली की स्थिति में सुधार होने की भी कोइ गुंजाइश नहीं है। टीवीएनएल की स्थिति भी दयनीय है। यहां मात्र एक यूनिट से ही बिजली का उत्पादन हो रहा है और यहां से कभी भी उत्पादन ठप हो सकता है। जरूरत की एक तिहाई बिजली ही राज्य को दी जा रही है। इसके कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। पीटीपीएस की दो इकाइयों से तीसर दिन भी उत्पादन बंद है। डीवीसी से एक सौ की जगह 30 मेगावाट बिजली मिल रही है। सेंट्रल पूल में बिजली की मांग बढ़ गयी है। इससे झारखंड की बिजली में भारी कटौती हो रही है। पिछले 24 घंटे में राज्य में औसतन आठ घंटे ही बिजली रही। इस भीषण गर्मी में बाकी के 16 घंटे लोग हाय-हाय करते रहे। पानी का संकट भी बढ़ गया है। छोटे उद्योगों के सामने अस्तित्व का संकट है। बड़े प्रतिष्ठानों का खर्च अचानक बढ़ गया है। जीवन रक्षक दवाओं को सुरक्षित रखना भी मुश्किल हो रहा है। राज्य को हर रोज 750 मेगावाट बिजली की जरूरत है। बोर्ड के पास 450 मेगावाट बिजली है। इसमें से रलवे को 150 मेगावाट बिजली दी जाती है। इस संकट की बाबत न तो बोर्ड के अधिकारी ही कुछ बता रहे हैं और न ही नेताओं की जुबान खुल रही है। बोर्ड के अफसर तो टिप्पणी के लिए उपलब्ध भी नहीं हैं। बिजली बोर्ड मुख्यालय में रो बैठक होती है। अध्यक्ष व्यस्त रहते हैं, लेकिन बिजली की कमी को दूर करने के लिए कोई पहल नहीं हो रही है। जमशेदपुर डीसी का त्राहिमाम जमशेदपुर डीसी नितिन कुलकर्णी ने सीएम को त्राहिमाम संदेश भेज जिले में सामान्य विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। सीएम को लिखे पत्र में कुलकर्णी ने कहा है कि मानगो, सोनारी, कदमा, जुगसलाई, टाटालीज के क्षेत्रों में पारा 43 डिग्री के पार है। 23, 24 एवं 25 को जिले में मात्र 10 घंटे बिजली दी गयी, वह भी नियमित नहीं। दो-दो, तीन-घंटे के अंतराल पर। गरमी के मौसम में बिजली नहीं रहने से लोगों में भारी आक्रोश है। वे लगातार सड़क पर उतर रहे हैं। जिला जरूरत सप्लाई रांची 200ोमशेदपुर15085 धनबाद150130 बोकारो4525 हाारीबाग7545 मेदिनीनगर3010 गढ़वा2005 लातेहार1003 गुमला0803 लोहरदगा1003 रामगढ़8040 कोडरमा3020 खूंटी1203

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