class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

रूसी वैज्ञानिकों ने मंगल पर सांस लेने के लिए मिश्रित गैस तैयार की

सी वैज्ञानिकों ने एक ऐसी वैकल्पिक मिश्रित गैस तैयार की है, जिसे मंगल ग्रह के अभियान और वहां प्रवास के दौरान सांस लेने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। रूस के एक निजी टेलीविजन चैनल ‘रशिया टुडे’ ने सोमवार को जारी एक रिपोर्ट में बताया कि मास्को बायोमेडिकल प्राब्लम्स इंस्टीटूट के वैज्ञानिकों ने एक प्रायोगिक कैप्सूल का निर्माण किया और उसमें ऐसा कृत्रिम वातावरण बनाया जैसा मंगल ग्रह के अभियान और प्रवास के दौरान हो सकता है। मंगल के वातावरण में आर्गन गैस है, जो पृथ्वी के वातावरण में सिर्फ एक प्रतिशत है। यदि इस गैस को उचित अनुपात में ऑक्सीजन के साथ मिलाया जाए तो सांस लेने योग्य गैस बन सकती है। इस परियोजना के प्रमुख अलेक्जेंडर डियाचैन्को ने बताया कि कैप्सूल में 60 प्रतिशत आर्गन है बाकी आक्सीजन और नाइट्रोजन है। अभी इस बात का परीक्षण किया जा रहा है कि मनुष्य पर इस मिश्रित गैस का क्या असर होता है तथा क्या मनुष्य भौतिक एवं मनोवैज्ञानिक दबाव में अपने क्रियाकलाप कर पाता है या नहीं। दस दिन की अवधि का पहला प्रयोग पूरा हो गया है और इसमें जिन स्वयंसेवियों को लगाया गया उनका कहना है कि कैप्सूल में मिश्रित गैस का वातावरण प्राकृतिक वातावरण से एकदम अलग है। इसके बाद एक 120 दिन का और फिर 500 दिन का प्रयोग किया जाएगा। दरअसल ‘मंगल 500’ नाम का यह अभियान 500 दिनों का होगा।ड्ढr

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: रूसी वैज्ञानिकों ने मंगल पर सांस लेने के लिए मिश्रित गैस तैयार की