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सेवा शर्ते न सुधरीं तो चक्का जामं

आल इण्डिया रेलवे मेन्स फेडरशन (एआईआरएफ) ने मंगलवार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कर्मचारियों की सेवा शर्तों व वेतनमानों में में सुधार न किया गया तो रलकर्मी ट्रेनों का चक्काजाम करने से नहीं हिचकेंगे। फेडरशन नेताओं ने पाँच के बजाए ढाई फीसदी वेतनवृद्धि मिलने पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है।ड्ढr एआईआरएफ के सहायक महामंत्री शिवगोपाल मिश्र ने मंगलवार को लोको रस्टरूम में छठा वेतन आयोग कर्मचारियों की अपेक्षाओं व उपेक्षाएँ विषय पर आयोजित सेमिनार में रलकर्मियों को सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि वेतन आयोग ने उत्पादकता पर आधारित बोनस से लेकर रनिंग एलाउंस पर भी हमला किया है। श्री मिश्र ने कहा कि संयुक्त वार्ता तंत्र की माँगों को नकारते हुए आयोग ने सरकारी उपक्रमों के कर्मचारियों के बराबर वेतन देने की माँग सिर से खारिा कर दी है। हालाँकि रलवे को अलग से सरकारी उपक्रम बनाने की संस्तुति जरूर कर दी है।ड्ढr आल इण्डिया रलवे मेन्स फेडरशन के महामंत्री जेपी चौबे ने कहा कि वेतन आयोग का गठन जेसीएम व उसके घटकों द्वारा हड़ताल की चेतावनी दिए जाने के बाद हुआ था। उन्होंने कहा कि ग्रुप डी के कर्मचारियों के लिए न्यूनतम 10 हाार रुपए वेतन की माँग की गई थी लेकिन उन्हें 6660 रुपए ही दिए गए हैं। श्री चौबे ने चेतावनी दी कि बोनस में दखलंदाजी, रनिंग भत्ते में कटौती, निजीकरण व कर्मचारी हितों के खिलाफ की गई संस्तुतियों में बदलाव न किया गया तो रलकर्मी ट्रेनों का चक्काजाम करने के लिए मजबूर हो जाएँगे। उन्होंने कहा कि हमार माँगों की बार-बार अनदेखी की जा रही है। रल कर्मचारी अब इसे और बर्दाश्त नहीं करंगे। आन्दोलन के लिए हमने कमर कस ली है।ड्ढr सेमिनार को सम्बोधित करने वाले अन्य यूनियन नेताओं में नार्दर्न रलवे मेन्स यूनियन के मंडल मंत्री आरके पाण्डेय, एलएन पाठक, एके चौबे, कमल किशोर, शारदा प्रसाद दुबे, सियाराम वाजपेई, एके यादव, बीडी मिश्र, ए रहमान व पीके शुक्ल भी शामिल थे।

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