class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

पंचतत्व में विलीन हुए तिवारी

ांग्रेस के वयोवृद्ध नेता सह पूर्व विधान पार्षद सत्यदेव नारायण तिवारी का पार्थिव शरीर 30 अप्रैल को पंचतत्व में विलिन हो गया। जुमार नदी के किनार उनके बड़े पुत्र गोविंद नारायण तिवारी ने मुखाग्नि दी। उस वक्त पूरा इलाका सत्यदेव नारायण तिवारी अमर रहे के नार के गूंज उठा। तिवारी का निधन 2अप्रैल की शाम अपोलो अस्पताल में हो गया था। बुधवार की सुबह नौ बजे उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए कांग्रेस भवन लाया गया। यहां उन्हें कांग्रेस का झंडा ओढ़ाया गया और तिरंगा झुका दिया गया। कांग्रेस भवन में स्पीकर आलमगीर आलम, सांसद सुशीला केरकेट्टा, पीएन सिंह, अवध बिहारी सिंह, हरिराम, डॉ गुलफाम मुजीबी, केशव महतो कमलेश, केएन त्रिपाठी, मदन मोहन शर्मा, प्रदीप तुलस्यान, आलोक कुमार दुबे, जेपी चौधरी, रोशन लाल भाटिया, प्रतिभा पांडेय, हाजी मतलूब इमाम, मंजूर अहमद अंसारी सहित अन्य लोगों ने श्रद्धासुमन अर्पित किये। यहां से अंतिम यात्रा कचहरी रोड स्थित नागपुरी कला संगम के कार्यालय पहुंची। वहां श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद शव को कांके प्रखंड कार्यालय ले जाया गया। वहां से स्व तिवारी को बोड़या स्थित पैतृक आवास ले जाया गया। तत्पश्चात जुमार नदी के किनार अंतिम संस्कार कर दिया गया। राी ने शोक जताया कांग्रेसी नेता सत्यदेव नारायण तिवारी के निधन पर राज्यपाल सैयद सिब्ते राी ने शोक व्यक्त किया है। अपने शोक संदेश में उन्होंने तिवारी को समाज के कमजोर वर्ग के अधिकारों के लिए लड़ने वाला व्यक्ित बताया। झारखंड बार कौंसिल के अध्यक्ष पीसी त्रिपाठी ने भी तिवारी के निधन पर शोक व्यक्त किया। शोक संवेदनाओं का तांता कांग्रेसी नेता सत्यदेव नारायण तिवारी के निधन पर बुधवार को शोक संवेदना व्यक्त करनेवालों का तांता लगा रहा। जगह-ागह शोक सभाएं कर तिवारी को श्रद्धांजलि दी गयी। नागपुरी कला संगम के संस्थापक अध्यक्ष सत्यदेव नारायण तिवारी के निधन पर 30 अप्रैल को संगम कार्यालय में शोकसभा का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता ईश्वर चंद्र जायसवाल ने की। सभा में डॉ भुवनेश्वर अनुज, मंजूर अहमद अंसारी, पीएन मंडल, गोपाल साहू, पीसी राय, क्षितिज कुमार राय, एमके गोपालन आदि उपस्थित थे। इधर केंद्रीय राज्यमंत्री सुबोधकांत सहाय सांसद फंड से बोड़ेया में स्व. सत्यदेव नारायण तिवारी की याद में श्मशान शेड का निर्माण करायेंगे। मंत्री ने उन्हें समाज का सक्रिय सिपाही बताया। कि स्व तिवारी एक सुलझे हुए व्यक्ितत्व के मालिक थे। बैठक में कृष्णा महतो, चिरकु मुंडा, मो, शकील अहमद, शिवशंकर महली, सोमा उरांव, पारुल उरांव, विश्वनाथ रावार, आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: पंचतत्व में विलीन हुए तिवारी