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कार्रवाई का आश्वासन, थमा बवाल

रांची यूनिवर्सिटी की पीजी पार्ट टू की परीक्षा में पैगंबर (स.) मोहम्मद साहब पर पूछे गये आपत्तिजनक सवाल पर मुसलिम पूरा समाज उबल पड़ा। इसे धर्म और आस्था पर चोट बताते हुए गुरुवार को राजधानी में हाारों लोग सड़क पर उतर आये और दिन के साढ़े 11 बजे यूनिवर्सिटी पहुंचे, वहां तोड़फोड़ की। इन्हें काबू करने पहुंची पुलिस ने लाठी चार्ज किया, तो गुस्सा और भड़क उठा। जगह-ागह सड़क जामकर गुस्से का इजहार किया गया। हालात बिगड़ते देख सरकार और प्रशासन में भी हलचल हुई। राज्यपाल, मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और कुलपति ने इस पर खेद जताया और 24 घंटे में कार्रवाई का भरोसा दिलाया। तब हालात सामान्य हुए। मुख्यमंत्री ने कुलपति को तलब कर उनसे पूछताछ की और आपत्तिजनक प्रश्न सेट करनेवाले के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया। शिक्षा मंत्री बंधु तिर्की ने माफी मांगी और भरोसा दिलाया कि भविष्य में एसी गलती नहीं होने दी जायेगी। पेपर सेट करनेवाला डिबार पीजी पार्ट-2 के हिस्ट्री के इस्लामिक सेक्शन का प्रश्न पत्र बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित अंबेडकर विवि के वरीय प्राध्यापक ने सेट किया था। कुलपति के मुताबिक पेपर सेटर को आजीवन परीक्षा कार्यो से वंचित (डिबार) कर दिया गया है। दो मई को परीक्षा बोर्ड की बैठक में इसे आपत्तिजनक बताया गया। सवाल पूछने वाले जिम्मेदार शिक्षक के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए संबंधित यूनिवर्सिटी को कड़ा पत्र भेजा जा रहा है। इस पर कानूनी कार्रवाई के लिए यूनिवर्सिटी के वीसी को अधिकृत किया गया। अचानक बेकाबू हो गये युवक पैगंबर साहब पर आपत्तिजनक सवाल को ले गुरुवार सुबह से ही मुसलिम बहुल क्षेत्रों में उबाल था। मुसलिम यूथ फोरम की पहल पर विभिन्न संगठन के लोग सुबह दस बजे एकरा मसजिद के पास जुटे। जुलूस नारबाजी करता यूनिवर्सिटी की ओर निकला। विवि मुख्यालय पहुंचते ही एक जत्था भड़क उठा। उन्होंने दरवाजों-खिड़कियों के साथ वहां खड़े वाहनों को भी तोड़ डाला। पुलिस ने तोड़-फोड़ कर रहे लोगों पर लाठी चार्ज किया, तो गुस्सा और भड़का। लोग सड़कों पर निकल आये। मेन रोड और चर्च रोड की दुकानें बंद हो गयीं। उधर बरियातू और डोरंडा में भी लोगों ने जाम कर गुस्से का क्षहार किया। कैसे सेट होता है पेपर बकौल कुलपति पेपर सेटिंग के लिए चार मेंबर की कोर कमेटी होती है। यही नहीं, पहले मोडरशन बोर्ड पेपर का रिव्यू करता था, लेकिन पेपर लीक की आशंका ज्यादा होती थी। इससे बचने के लिए विवि ने रिव्यू को समाप्त कर दिया। अब सेटर प्रश्न की दो कापियां एक्ाामिनेशन कंट्रोलर को भेजता है, एक कॉपी कंट्रोलर पास रख दूसरी को बिना खोले प्रेस को भेज देता है। कुलपति ने बताया कि वे इसके दोनों पहलुओं को देख रहे हैं और शीघ्र ही नया दिशा-निर्देश जारी होगा।राजभवन ने गठित की उच्चस्तरीय जांच कमेटी पीजी की परीक्षा में पूछे गये आपत्तिजनक सवाल को लेकर कुलाधिपति सैयद सिब्ते राी ने उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की है। समिति के अध्यक्ष राज्यपाल के प्रधान सचिव अमित खर हैं। अन्य सदस्यों में सिद्धो-कान्हू यूनिवर्सिटी के वीसी डॉ विक्टर तिग्गा, रांची यूनिवर्सिटी के पूर्व प्रोवीसी डॉ एमके हसन, सीआइपी के निदेशक डॉ एस हक निजामी एवं बीआइटी मेसरा के परीक्षा नियंत्रक डॉ एसके जन शामिल हैं। कमेटी 15 दिन में जांच रिपोर्ट सौंप देगी। राज्यपाल घटना की जानकारी मिलते ही दिल्ली दौरा अधूरा छोड़ दो मई को रांची लौटे। उन्होंने पैगंबर साहेब से संबंधित आपत्तिजनक सवाल पर दुख व्यक्त किया है। उनके निर्देश पर प्रधान सचिव ने रांची यूनिवर्सिटी के वीसी प्रो एए खान एवं अन्य अधिकारियों को बुला कर मामले की जानकारी ली। राज्यपाल ने कहा है कि जिनके विरुद्ध जिम्मेवारी निर्धारित होगी, उन पर आवश्यक कार्रवाई की जायेगी। राज्यपाल ने सभी वर्ग के नेताओं और लोगो से संयम, धैर्य और शांति बनाये रखने की अपील की है। ं

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