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तांतिया आउट, 20 सड़कें लटकीं

तांतिया कंस्ट्रक्शन से सड़क निर्माण का ठेका छीन लिया गया। मंत्रिमंडल में बदलाव होते ही सड़क निर्माण की नीति भी बदल गई। पटना की सड़कों को डेढ़ साल से खोद कर लोगों को फजीहत में डालने वाले इस मल्टीनेशनल कंपनी से सरकार ने छुट्टी पा ली। पथ निर्माण विभाग के इस फैसले से करीब 20 सड़कों का निर्माण कार्य रूक गया। विभाग शीघ्र ही इन सड़कों के लिए फिर से टेंडर करगा। इससे अब इस वर्ष भी पटनावासियों को फर्राटेदार सड़क पर चलने का सपना नसीब नहीं होगा। सड़कों का ठेका रद्द होने से तांतिया कंस्ट्रक्शन को 100 करोड़ का झटका लगा है। पथ निर्माण विभाग के निर्णय को एकतरफा करार देते हुए तांतिया कंस्ट्रक्शन कोर्ट जाने की तैयारी में जुट गया है। कंपनी के वाइस प्रसिडेंट सुजीत कुमार दासगुप्ता ने कहा कि यह सरकार का एकतरफा फैसला है।ड्ढr ड्ढr उनकी परशानियों को नहीं सुना जा रहा है। बिना उनकी बात सुने ही सरकार ने यह निर्णय किया है। तमाम दिक्कतों के बावजूद तांतिया काम पूरा करने को अग्रसर है। सरकार के इस फैसले से कंपनी का 100 करोड़ रुपया फंस गया है। इसलिए कंपनी कानूनी प्रक्रि या अपनायेगी। फिलहाल कानूनी राय ली जा रही है। पथ निर्माण मंत्री प्रम कुमार ने कहा कि नये और अनुभवी ठेकेदारों की मार्फत सड़कों का निर्माण कराया जाएगा। तय समय पर काम नहीं पूरा होता देख तांतिया कंट्रक्शन से काम वापस लिया गया है। तांतिया भी पेटी काट्रक्ट पर छोटे-छोटे ठेकेदारों से सड़क बनवा रहा था। काम की गति काफी धीमी थी। एक साथ पटना की सभी सड़कों को खोदने से राजधानीवासियों को पूर डेढ़ साल तक परेशानी झेलनी पड़ी। अंतत: निर्णय हुआ कि फिर से टेंडर कर जल्द से जल्द सड़कों का निर्माण पूरा कराया जाए। दरअसल पिछली बरसात के बाद ही पूर्व पथ निर्माण मंत्री नन्दकिशोर यादव को तांतिया पर से भरोसा उठ गया था। उन्होंने कहा था कि अगस्त 2008 तक सड़क निर्माण नहीं हुआ तो मुश्किल खड़ी हो जाएगी। पटना की सड़कों पर 61 स्थानों पर धार्मिक स्थल होने के कारण सड़क निर्माण में बाधा थी। कहीं बिजली पोल आड़े आ रहा था कई जगहों पर टेलीफोन केबुल के कारण अवरोध था। दिसम्बर 2006 में एक भव्य समारोह में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तांतिया कंस्ट्रक्शन को राजधानी के 2मुख्य पथों के मजबूतीकरण एवं चौड़ीकरण का काम सौंपा था। 85 किमी. लम्बाई वाले इन पथों पर कुल 157 करोड़ रुपए खर्च होने थे। पर अब तक तांतिया कंट्रक्शन मात्र एसपी वर्मा रोड (0.34 किमी.), जमाल रोड (0.47 किमी.), सिन्हा लाइब्रेरी रोड (0.63 किमी.) और अमरनाथ पथ (0.54 किमी.) का निर्माण ही पूर्ण रूप से कर पाया है। इसमें भी अमरनाथ पथ अतिक्रमण मुक्त नहीं हो पाया है।ड्ढr ड्ढr दरअसल पथ निर्माण विभाग और तांतिया कंस्ट्रक्शन के बीच लफड़े के कारण अगली बरसात में पटनावासियों की मुसीबत बढ़ने की आशंका है। दर्जन भर मुख्य सड़कों से गुजरने वालों को फजीहत का सामना करना पड़ सकता है। बारी पथ, कंकड़बाग कालोनी (रोड नम्बर-1 एवं 2), किदवईपुरी-श्रीकृष्णापुरी पथ और आर्य कुमार रोड का ठेका तो पूर्व पथ निर्माण मंत्री नन्दकिशोर यादव के कार्यकाल में ही तांतिया से ले लिया गया था। नये मंत्री प्रम कुमार ने विभाग का कार्यभार संभालते ही इन सड़कों के निर्माण का जिम्मा पुल निर्माण निगम को दे दिया है। श्री कुमार ने 18 अप्रैल को तांतिया कंट्रक्शन द्वारा निमार्णाधीन सड़कों का निरीक्षण कर उसकी काम की गति को असंतोषजनक ठहराया था। कुल 13 निर्माणाधीन सड़कों के निरीक्षण के बाद तांतिया कंस्ट्रक्शन के वाइस प्रसिडेंट श्री दासगुप्ता को चेतावनी दी थी कि काम में तेजी नहीं आयी तो कार्रवाई तय है।

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