class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

कर्नाटक में कांग्रेस को भविष्यवाणी का सहारा

र्नाटक में विधानसभा चुनावों के धुंआधार प्रचार के बीच फिाा में एक चर्चित कहानी यह भी तैर रही है कि कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने एक ज्योतिषी से विचार-विमर्श किया जिसने यह भविष्यवाणी की कि एचडी देवेगौड़ा परिवार को केवल स्त्री शक्ति द्वारा ही पराजित किया जा सकता है। इसलिए कांग्रेस ने गौड़ा के ताकतवर बेटों पूर्व मुख्यमंत्री एच.डी. कुमार स्वामी और पूर्वमंत्री एस.डी. रवन्ना के खिलाफ क्रमश: रामनगरम और हासन जिले के होलनसिहपुरा क्षेत्रों में दो महिला उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। ये दोनों महिला उम्मीदवार हैं- पूर्व मुख्यमंत्री रामकृष्ण हेगड़े की बेटी ममता निचानी और पूर्व मंत्री पुत्तूस्वामी गौड़ा की पुत्रवधू एस.जी. अनुपमा। इन दोनों के लिए चुनावी राजनीति बेशक एक नया क्षेत्र है लेकिन उनकी रगों में राजनीतिक खून जरूर दौड़ रहा है। हेगड़े की बेटी का मुकाबला कुमार स्वामी से है जबकि अनुपमा रवन्ना से लोहा ले रही हैं। नौसिखियों को शक्तिशाली गौड़ा बंघुओं के खिलाफ मँैदान में उतारने के पीछे यहां राजनीतिक हलकों में यह तर्क दिया जा रहा है कि कांग्रेस ने यह सब चुनाव बाद की संभावनाओं और मजबूरियों को ध्यान में रखकर किया है। मसलन, बेहद कांटे के विधानसभा चुनाव में अगर पार्टी बहुमत का जादुई आंकड़ा जुटाने से चूक जाती है तो गठबंधन के विकल्प खुले रखे जा सकें। हालांकि चर्चा का मुख्य केंद्र कुमार स्वामी का रामनगरम निर्वाचन क्षेत्र है लेकिन होलेनसंीपुरा निर्वाचन क्षेत्र के गांवों में भी मुकाबला कम दिलचस्प नहीं है। यहां कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है। अगर पिछले पांच साल के दौरान इस क्षेत्र में बनी चमचमाती सड़कों, शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों और उद्योगों को देखें तो इसे कर्नाटक का अमेठी कहना अतिशयोक्ति न होगा। अनुपमा से अगर यह जिक्र किया जाता है कि आप चुनावी राजनीति में नई हैं और इस नाते उतनी मजबूत उम्मीदवार नहीं कही जा सकतीं तो वह तमतमा जाती हैं। वह कहती हैं कि चुनावी नतीजों का इंतजार करं। जीत तो तय है और अंतर भी दस से 15 हाार मतों से कम नहीं रहने वाला।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: कर्नाटक में कांग्रेस को भविष्यवाणी का सहारा