class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

प्लेटफॉर्म से ट्रेन तक खतरे के बादल

पटरी पर चल रही ट्रनों से लेकर स्टेशन परिसर तक खतर के बादल मंडरा रहे हैं। खतरा किसी अपराधी-उग्रवादी से नहीं बल्कि आग से है जिसने रल प्रशासन के होश उड़ा दिये हैं। पता नहीं कब, कहां और कैसे आग लग जायेगी, कहना मुश्किल है। पिछले पांच वर्षो में दानापुर मंडल में पटरी से लेकर पार्सल-प्लेटफॉर्म तक एक दर्जन से अधिक अगलगी की बड़ी घटनाएं हो चुकी हैं। हर बार घटना के कुछ दिनों बाद तक आग से बचाव को लेकर अतिरिक्त एहतियाती उपाय किये गये लेकिन अगलगी का सिलसिला अब भी जारी है। रविवार की देर शाम फुलवारीशरीफ स्टेशन पर ट्रन में लगी आग इसी की एक बानगी है।ड्ढr ड्ढr कभी बिजली की चिंगारी तो कभी किसी अन्य कारण से आग लगती है और देखते ही देखते लाखों-करोड़ों की संपत्ति राख के ढेर में तब्दील हो जाती है। करीब दो वर्ष पूर्व पटना जंक्शन पर स्थित पार्सल घर में लगी आग पर काबू पाने में आधा दर्जन दमकल दस्ते को छह घंटे से अधिक समय लग गया था। कुछ ही दिन पहले फिर वही घटना पार्सल घर में ही दोहराने से बची। पिछले वर्ष पटना जंक्शन पर खड़ी एक मालगाड़ी के टैंकर में आग लगने के बाद अफरातफरी मच गई थी। लापरवाही से ट्रन में फेंकी गई बीड़ी या सिगरट के कारण कुछ समय पहले आग तो लगी लेकिन भीषण हादसा होते-होते टल गया था।पटना जंक्शन पर स्टोर में लगी आग और उसमें जले कंबल आदि के मामले में साजिश की बात सामने आने पर कुछ रलकर्मियों की गिरफ्तारी भी हुई थी। करीब पांच वर्ष पूर्व एक पागल द्वारा चिट्ठियों के ढेर में आग लगाये जाने की घटना भी हो चुकी है। स्थिति की गंभीरता का सहज अंदाजा लगाया जाड्ढr सकता है।ं

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: प्लेटफॉर्म से ट्रेन तक खतरे के बादल