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मंत्री की सवारी बिना नंबर केसुधीर रांची?3द्वद्यज्ठ्ठड्डद्वद्गह्यश्चड्डष्द्ग श्चrद्गथ्न्3 = o ठ्ठह्य = ह्वrठ्ठज्ह्यष्द्धद्गद्वड्डह्य-द्वन्ष्roह्यoथ्ह्ल-ष्oद्वज्oथ्थ्न्ष्द्गज्oथ्थ्न्ष्द्ग मंत्री की सवारी बिना नंबर के

झारखंड अलग राज्य बने सात साल हो गये, फिर भी बगैर निबंधन की सरकारी गाड़ियां सड़कों पर सरपट दौड़ रही हैं। इनमें ज्यादातर गाड़ियां मंत्री या फिर दूसरे वीआइपी की हैं। मंत्री भी इत्मीनान से इन गाड़ियों की सवारी गांठ रहे हैं। इससे एक ओर जहां निबंधन विभाग को राजस्व का नुकसान हो रहा, वहीं एमवीआइ एक्ट का भी यह उल्लंघन है। इसके तहत 6500 रुपये अर्थदंड का भी प्रावधान है। राज्य की पुलिस भी मंत्रियों की बिना नंबरवाली गाड़ियों को देखकर हैरान है। परंतु ऐसे वाहनों को पकड़ना तो दूर इन्हें रोकने-टोकने का भी साहस पुलिस नहीं जुटा पाती। राज्य के आला पुलिस अधिकारी भी इस मामले में चुप हैं। ऐसे वाहन दौड़ानेवालों पर कार्रवाई के लिए अधीनस्थ अधिकारियों को उनकी ओर से कोई निर्देश नहीं दिया जा रहा। बगैर निबंधित गाड़ियों पर चलने से आम जनता तो दंडित होती है, लेकिन सरकार के मंत्री हंसते-खेलते कानून का उल्लंघन करते हुए राजधानी ही नहीं पूरे राज्य की सड़कों पर वाहन (जिप्सी) दौड़ाते फिर रहे हैं। इनमें से कुछ गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन करवा भी लिये गये हैं, लेकिन नंबर नहीं लिखवाये गये हैं। सच तो यह है कि गाड़ियों पर नंबर नहीं लिखवाने में ही राज्य के मंत्री अपनी शान समझते हैं। मंत्री हों या सतरी सब पर कार्रवाई : एनोस परिवहन मंत्री एनोस एक्का ने कहा कि मंत्री हो या संतरी सभी की गाड़ियों का निबंधन अनिवार्य है। निबंधन नहीं होने से राजस्व का नुकसान हो रहा है। सभी लोगों को अपनी-अपनी गाड़ी का निबंधन करा लेना चाहिए। अगर नहीं कराते हैं, तो अभियान चलाकर गाड़ियों का निबंधन किया जायेगा।

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