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तमाशे के बीच महिला आरक्षण विधेयक पेश

पिछले 10 सालों से पुरुष मानसिकता का शिकार बनते रहे महिला आरक्षण विधेयक को महिला मंत्रियों व महिला सांसदों के सुरक्षा कवच, अभूतपूर्व हंगामे और हाथापाई के बीच मंगलवार को राज्यसभा में पेश कर दिया गया। कानून मंत्री हंसराज भारद्वाज के सामने महिला एवं बाल विकास मंत्री रणुका चौधरी, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री पनाबाका लक्ष्मी तथा सदस्या प्रभा ठाकुर दीवार बन कर खड़ी हो गईं, जिससे समाजवादी सांसद अबू आसिम आजमी उनसे महिला आरक्षण विधेयक की कापी नहीं छीन सके। इस हार से बिफर सपा सदस्य ने विधयेक संबंधी नोटिस को फाड॥कर अपना गुस्सा शांत किया। कानून मंत्री के पास दीवार बनीं महिलाओं को हटाने के लिए आजमी ने रणुका चौधरी के साथ हाथापाई की और उन्हें धक्का भी दिया, लेकिन चौधरी अपने स्थान से बिलकुल नहीं हिलीं। उन्होंने मंत्रियों की कुर्सी के सामने चढ़ आए कई सपा सदस्यों को धक्के देकर पीछे किया। कांग्रेस के हनुमंत राव ने आजमी का कुर्ता पकड़ कर पीछे खींचा। पनाबाका लक्ष्मी तथा प्रभा ठाकुर के साथ भी सदस्यों ने धक्का-मुक्की की। सपा सदस्य जिस समय महिलाओं के साथ धक्का-मुक्की कर रहे थे, तब सारा देश टीवी पर यह दृश्य देख रहा था। इस पूरी खींचतान के दौरान प्रधानमंत्री सदन में मौजूद थे। स्थगन के बाद दोपहर 12 बजे सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो हंगामे के बीच उपसभापति ने महिला आरक्षण संबंधी 108 वां संविधान संशोधन विधेयक पेश करने के लिए कानून मंत्री का नाम पुकारा। पहले से तैयार रणुका चौधरी, पनाबाका लक्ष्मी तथा प्रभा ठाकुर ने कानून मंत्री के सामने तुरंत घेरा डाल दिया। सपा सदस्यों द्वारा विधेयक की कापी छीनने की संभावना के चलते कानून मंत्री को दूसरी पंक्ित में बिठाया गया था। कानून मंत्री का कहना है कहा कि विधेयक पर संसद की स्थायी समिति में चर्चा की जाएगी।

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