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प्रोग्रेस जीरो, कोड़ा कड़क

पिछले एक साल में नयी राजधानी बसाने की दिशा में कोई प्रगति नहीं हुई है। इसके लिए अब तक न तो डीपीआर बना और न ही कंसलटेंट की नियुक्ित के लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरस्ट मांगा गया। सीएम मधु कोड़ा ने इस पर गहरी नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को ग्रेटर रांची डेवलपमेंट अथॉरिटी (ाीआरडीए) बोर्ड की बैठक 26 मई को बुलाने का निर्देश दिया। नयी राजधानी बसाने की जिम्मेवारी फिर से जीआरडीए को सौंपी गयी है। सीएम ने बैठक के पहले सदस्यों को एजेंडा देने को कहा है। ग्रेटर रांची के मुद्दे पर हुई बैठक में सीएस, डेवलपमेंट कमिश्नर, पीएस टू सीएम सहित अधिकारी मौजूद थे। सीएम ने कहा कि कंसलटेंसी का काम अगर ज्वाइंट वेंचर में देना पड़े, तो इससे पूर्व उन कंपनियों का पास्ट परफॉरमेंस, उनकी उपलब्धियां और वित्तीय स्थिति का आकलन जरूर करं। शीघ्र मास्टर प्लान बनायें। उन्होंने कहा कि 12वें वित्त आयोग की अनुशंसा पर शहरी विकास के लिए मिली दो सौ करोड़ की राशि अब भी बची है। उन्होंने कहा कि दो वर्ष में राशि का उपयोग करं। नयी राजधानी के लिए वासुकी, पतरातू और सुकरहुटू जलाशय में से कौन बेहतर होगा, उससे कितने लोगों को कितने वर्षो तक पानी मिल सकेगा, इसका शीघ्र आकलन किया जाये। इस दिशा में अब तक कोई प्रगति नहीं होने पर उन्होंने पेयजल एवं स्वच्छता और जल संसाधन विभाग के अभियंता प्रमुख को भी कड़ी फटकार लगायी। उन्होंने कहा कि राजधानी निर्माण की दिशा में और तेजी लाने के लिए अगर आउटसोर्सिग जरूरी हो, तो वह भी करं। ं

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